A
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. ‘ऑपरेशन सिंदूर के बाद सशस्त्र बलों ने सीखे हैं कई सबक', CDS अनिल चौहान का बयान

‘ऑपरेशन सिंदूर के बाद सशस्त्र बलों ने सीखे हैं कई सबक', CDS अनिल चौहान का बयान

भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा है कि सशस्त्र बलों के लिए चौबीसों घंटे बेहतर अभियानगत तैयारी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सशस्त्र बलों ने कई सबक सीखें हैं।

CDS Anil chauhan- India TV Hindi
Image Source : PTI भारत के CDS अनिल चौहान।

भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) अनिल चौहान ने पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है। CDS चौहान ने मंगलवार को कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के सशस्त्र बलों ने ‘कई सबक सीखे हैं और इन्हें नियोजित ‘थिएटराइजेशन मॉडल में शामिल करने की जरूरत है। सीडीएस अनल चौहान ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत के पास में पाकिस्तान के कोने-कोने में आईएसआर (खुफिया, निगरानी और टोही) और युद्धक क्षमताएं होनी चाहिए।

चौबीसों घंटे बेहतर तैयारी बहुत जरूरी

दरअसल, भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) अनिल चौहान रक्षा क्षेत्र के थिंक टैंक ‘‘भारत शक्ति’’ द्वारा आयोजित ‘इंडिया डिफेंस कॉन्क्लेव 2025’ में एक सत्र को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि- "सशस्त्र बलों के लिए, यह हमारे लिए भी नयी सामान्य स्थिति में तब्दील होनी चाहिए। इसका मतलब होगा चौबीसों घंटे बेहतर अभियानगत तैयारी, जो मुझे लगता है कि बहुत ज़रूरी है। हमें अपनी वायु रक्षा, मानवरहित हवाई प्रणाली (यूएएस) से निपटने और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में बेहतर तैयारी करनी चाहिए। यह नयी सामान्य स्थिति होनी चाहिए क्योंकि हम इसी तरह के युद्ध की उम्मीद कर रहे हैं।"

CDS अनिल चौहान ने सत्र के दौरान जोर देते हुए कहा कि "तकनीकी रूप से हमें दुश्मन से आगे रहना होगा। पिछली बार हमने सिर्फ़ स्थिर लक्ष्यों को निशाना बनाया था, लेकिन भविष्य में हमें गतिशील लक्ष्यों पर भी हमला करने के बारे में सोचना पड़ सकता है।"

संयुक्त कमान पर क्या बोले CDS?

नियोजित ‘थिएटराइजेशन’’ (सेना के तीनों अंगों की संयुक्त कमान) पर, सीडीएस अनिल चौहान ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के बाद, हमने कई सबक सीखे हैं। उन्हें इस मॉडल में शामिल करने की ज़रूरत है जिस पर हमने काम किया है।" उन्होंने कहा, "हमारे पास उरी, बालाकोट, (ऑपरेशन) सिंदूर, गलवान, डोकलाम, कोविड के अनुभव हैं। इसलिए हमें उस विशेष अनुभव को समाहित करके ऐसा संगठनात्मक ढांचा बनाने की ज़रूरत है जो हर मौसम के लिए उपयुक्त हो।"

ये भी पढ़ें- ऑपरेशन सिंदूर को लेकर आर्मी चीफ का बड़ा बयान, कहा- 'पीएम ने खुली छूट दी थी, 100 किमी अंदर घुसकर मारा'

लोंगेवाला में भारतीय सेना का ‘थार शक्ति’ युद्धाभ्यास, रक्षा मंत्री बोले- 'पाकिस्तान ने हिमाकत की तो तबाह हो जाएगा'

Latest India News