भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर होने के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर और हवाई हमलों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इस बारे में विस्तार से पूरी जानकारी दी। भारतीय सेना की तरफ से बताया गया कि पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या के बाद भारत ने पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए। भारत ने इन्हें नाकाम किया। इसके बाद भारत की तरफ से जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
भारतीय सेना की तरफ से वीडियो सबूत जारी कर बताया गया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इस ऑपरेशन को इतने सटीक तरीके से अंजाम दिया गया कि आसपास मौजूद इमारतों को कोई नुकसान नहीं हुआ।
9-10 मई को हुआ था भीषण मुकाबला
भारतीय सेना की तरफ से बताया गया कि 7 मई की सुबह आतंकी ठिकाने तबाह होने के बाद पाकिस्तान की तरफ से रात के समय ड्रोन से हमला किया गया। 8 मई को भी हमले हुए और नौ मई को भी यह सिलसिला जारी रहा। हर बार भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया। हालांकि, पाकिस्तान को सबसे ज्यादा नुकसान 9-10 मई की दरमियानी रात को हुआ। भारत ने इस दौरान पाकिस्तानी सेना के कई ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें पाकिस्तान के 35-40 सैनिक मारे गए।
पाकिस्तान ने आम लोगों को ढाल बनाया
भारतीय सेना ने बताया कि उनकी क्षमता इतनी है कि पाकिस्तान का पूरा राडार सिस्टम खत्म किया जा सकता था, लेकिन भारत का उद्देश्य युद्ध करना नहीं था, बल्कि पाकिस्तान को यह संदेश देना था। इसी वजह से जवाबी कार्रवाई में सभी एयरबेस पर सीमित हमला किया गया। किसी भी एयरबेस को पूरी तरह से खत्म करने की कोशिश नहीं की गई। भारत ने यह भी बताया कि एक तरफ पाकिस्तान की सेना लाहौर से ड्रोन लॉन्च कर रही थी और दूसरी तरफ उनके यात्री विमान भी उड़ रहे थे। इनमें अंतरराष्ट्रीय विमान भी शामिल थे। आम लोगों की जिंदगी बचाने की लिए भारतीय सेना ने अपने जवाबी कार्रवाई के साथ समझौता किया। इस वजह से भारत ने अपनी क्षमता से कम हमला किया, लेकिन आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा।
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