हिमाचल प्रदेश में NHAI के अधिकारियों संग मारपीट का मामला इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है। दरअसल हिमाचल प्रदेश सरकार के मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बीते दिनों NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर और इंजीनियर के साथ मारपीट की थी। इस मामले ने जब तूल पकड़ा तो हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपने ही मंत्री अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और उनपर केस दर्ज कराया गया। लेकिन अब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। दरअसल NHAI के जिन अधिकारियों के साथ मारपीट की गई थी। अब उन्हीं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। यानी पीड़ितों के खिलाफ ही अब केस दर्ज करा दिया गया है।
भाजपा ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर उठाए सवाल
चमियाना पंचायत से वॉर्ड सदस्य निहाल ठाकुर ने NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर अचल जिंदल और साइट इंजीनियर योगेश पर रास्ता रोकने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। अब सोचने वाली बात ये है कि क्या ये मंत्री अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ किए गए एफआईआर का बदला है। क्या हिमाचल सरकार अपने मंत्री को बचाने की कोशिश कर रही है। इस मामले में भाजपा ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से एक्शन लेने को कहा है।
नितिन गडकरी ने सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से की बात
नितिन गडकरी ने इसे लेकर एक्स पर लिखा, 'हिमाचल प्रदेश के पंचायती राज मंत्री और उनके सहयोगियों द्वारा NHAI PIU शिमला के प्रबंधक अचल जिंदल पर किया गया जघन्य हमला अत्यंत निंदनीय है और कानून के शासन का अपमान है। अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन कर रहे एक लोक सेवक पर इस तरह का क्रूर हमला न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालता है बल्कि संस्थागत अखंडता को भी नष्ट करता है। मैंने मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया है और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से बात की है, और सभी अपराधियों के खिलाफ तत्काल और अनुकरणीय कार्रवाई करने का आग्रह किया है। जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए और बिना देरी के न्याय मिलना चाहिए।'
क्या है मामला?
बता दें कि ये पूरा मामला 30 जून का है, जब मंत्री अनिरुद्ध सिंह शिमला में 5 मंजिला बिल्डिंग ढहने का जायजा लेने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे थे। पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया कि एनएचएआई के फोरलेन की कटिंग की वजह से मकान की नींव हिल गई। मंत्री के जायजे के बाद अधिकारियों संग मारपीट की ये घटना हुई। दरअसल मंत्री अनिरुद्ध सिंह एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर और इंजीनियर को अपने साथ एक कमरे में ले गए। इसके बाद उन्होंने वहां घड़े से उनके सिर पर वार किया। इंजीनियर ने जब बीच बचाव करने का प्रयास किया तो मंत्री ने इंजीनियर की भी पिटाई की। वहां मौजूद किसी ने भी एनएचएआई के अधिकारियों को बचाने की कोशिश नहीं की। बता दें कि इस मामले में अनिरूद्ध सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
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