'ये अंत नहीं शुरुआत है', सरकार के 5 साल पूरे होने पर ऋषिकेश में बोले CM धामी; जानें और क्या बोले
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर धामी आज ऋषिकेश पहुंचे। यहां वह 'जन जन की सरकार, जन जन के द्वार' कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जनसेवा के पांच वर्ष पूर्ण होने पर लोगों को संबोधित किया। उन्होंने सरकार के पांच साल पूरे होने पर कहा कि यह अंत नहीं बल्कि शुरुआत है।

ऋषिकेश में आयोजित 'जन जन की सरकार, जन जन के द्वार' कार्यक्रम में सीएम पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा, "आपदाओं के समय पीएम मोदी ने हमारा सहयोग किया। उत्तराखंड की जनता से उनका विशेष लगाव है, उसी के कारण आज बहुत सी असंभव चीजें भी संभव हो पाईं। आज हमारी सरकार को पांच साल पूरे हो गए। लोग पूछते हैं कि 5 साल पूरा होने पर कैसा लगता है, लेकिन मां गंगा और महादेव को साक्षी मानकर कहता हूं, मैंने इन पांच सालों में कोई दिन नहीं गिना, कोई महीना नहीं गिना और कोई साल नहीं गिना। हमारी पवित्र चारधाम यात्रा हर साल नए रिकॉर्ड बना रही है और इस बार तो सभी रिकॉर्ड ध्वस्त हो चुके हैं।"
'पूरे उत्तराखंड में दिख रहे परिणाम'
सीएम धामी ने कहा, "आज डबल इंजन सरकार के सतत प्रयासों का परिणाम पूरे उत्तराखंड में दिखाई दे रही है। प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हो गई है। पर्यटन और रोजगार को लेकर हमारी नीतियां रंग ला रही हैं। जो लोग पहाड़ छोड़कर जा रहे थे वो भी वापस लौटकर स्वरोजगार कर रहे हैं। आज उत्तराखंड देश में एक उदाहरण के तौर पर पेश हो रहा है। उत्तराखंड में पहले भी कई सरकारें रही हैं, लेकिन आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि हमारी सरकार ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जो उत्तराखंड में पहले कभी नहीं हुए। आज वही लोग हमारे काम पर सवाल उठा रहे हैं, जिन्होंने वर्षों तक उत्तराखंड को घोटाले, भ्रष्टाचार, ठहराव के अलावा कुछ नहीं दिया। हम विपक्ष की तरह खोखले वादे नहीं करते बल्कि धरातल पर काम करके जवाब देते हैं।"
पांच साल का पड़ाव अंत नहीं शुरुआत है
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आगे कहा, "मैं विपक्ष से कहना चाहता हूं कि आप जितना भी जोर लगा तो, आप सूरज को हथेली से नहीं ढक सकते हो। पांच वर्ष किसी एक व्यक्ति या सरकार की जीत नहीं बल्कि ये हमारे युवाओं, किसानों, कर्मचारियों, व्पायारियों और हर उत्तराखंडवासियों की जीत है। सरकारें आती हैं, जाती हैं, साल पूरे होते रहते हैं, ये सामान्य घटना है। मुझे वास्तविक संतुष्टि तब मिलेगी, जब उत्तराखंड के आखिरी छोर पर खड़े व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान आएगी। मैंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हो-हल्ले से दूर रहते हुए काम करें। ये पांच साल का पड़ाव अंत नहीं है, बल्कि ये एक शुरुआत है। मुझे पूरा विश्वास है कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन और आपके विश्वास से वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड के निर्माण की सिद्धि तक हम पहुंचेंगे।"
जनसेवा के 5 वर्ष पूर्ण
इससे पहले सीएम धामी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "आप सभी के स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद से मुख्यसेवक के रूप में जनसेवा के पांच वर्ष पूर्ण हुए हैं। सेवा, सुशासन और जनकल्याण की यह यात्रा 1.25 करोड़ उत्तराखंडवासियों के विश्वास, आकांक्षाओं और सहयोग को समर्पित है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन और डबल इंजन सरकार के संकल्प के साथ इन पांच वर्षों में हमने विकास और सांस्कृतिक अस्मिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए। समान नागरिक संहिता (UCC), सख़्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, सशक्त भू-कानून तथा देश में नई मिसाल कायम करते हुए मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। इन कदमों ने उत्तराखंड को सुशासन, समानता और पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया। युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती व्यवस्था, मातृशक्ति को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, निवेश, रोजगार, बेहतर कनेक्टिविटी तथा चारधाम सहित धार्मिक एवं पर्यटन अवसंरचना के व्यापक विकास को नई गति मिली।"
उन्होंने कहा, "पूर्ण पारदर्शिता के साथ 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर प्रदान किए गए। सैनिकों, किसानों, युवाओं और मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए अनेक जनहितकारी निर्णय लिए गए। सौर ऊर्जा, होमस्टे और स्वरोजगार को नई ऊर्जा मिली तथा रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन से पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती मिली। 'हाउस ऑफ हिमालयाज' के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली, राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन, ₹1 लाख करोड़ से अधिक निवेश की ग्राउंडिंग तथा सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में उत्तराखंड के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं।"
सीएम धामी ने एक्स पर लिखा, "इसी जनसेवा के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज से "जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार" अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ भी किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से सरकार स्वयं जनता के बीच पहुँचकर जनसमस्याओं के समाधान, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुँचाने तथा सेवा और सुशासन की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने का कार्य करेगी। विकसित उत्तराखंड – विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर आपके विश्वास, सहयोग और सहभागिता के साथ हम जनसेवा, सुशासन और समृद्धि की इस यात्रा को और अधिक गति और नई ऊंचाइयां प्रदान करने के लिए निरंतर संकल्पबद्ध हैं।"