1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का जर्मनी दौरा, 6 अत्याधुनिक पनडुब्बियों पर हो सकती है 70 हजार करोड़ की डील

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का जर्मनी दौरा, 6 अत्याधुनिक पनडुब्बियों पर हो सकती है 70 हजार करोड़ की डील

भारत और जर्मनी के बीच जिन छह पनडुब्बियों पर डील होने वाली है, उनका निर्माण मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में होगा। वहीं, जर्मनी की कंपनी थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स इसमें मदद करेगी।

Rajnath Singh- India TV Hindi
Image Source : PTI राजनाथ सिंह

भारत और जर्मनी के बीच 6 अत्याधुनिक पनडुब्बियों को लेकर 70 हजार करोड़ रुपये से लेकर 99 हजार करोड़ रुपये तक की डील हो सकती है। भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जर्मनी के दौरे पर हैं। इसी दौरे में वह पनडुब्बी डील फाइनल कर सकते हैं। राजनाथ सिंह 21-23 अप्रैल तक तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर जर्मनी में रहेंगे। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत करना है।

राजनाथ सिंह जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस दौरान रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर विस्तृत चर्चा होगी। इसी दौरान सबमरीन डील भी हो सकती है। भारत को प्रोजेक्ट 75I-P-75I के तहत 6 पनडुब्बी मिल सकती हैं। हालांकि, इनका निर्माण भारत में ही होगा, लेकिन जर्मनी की कंपनी सहयोग करेगी।

भारत में बनेंगी अत्याधुनिक पनडुब्बियां

भारत और जर्मनी के बीच 6 अत्याधुनिक पारंपरिक पनडुब्बियों के निर्माण पर बातचीत हो सकती है। इस डील की अनुमानित लागत 70,000 करोड़ से 99,000 करोड़ रुपये (लगभग 8–12 बिलियन डॉलर) हो सकती है। ये पनडुब्बियां भारत में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (मुंबई) द्वारा जर्मन कंपनी थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स के सहयोग से बनाई जाएंगी।

डिफेंस इंडस्ट्रियल सहयोग पर होगा जोर

बैठक के दौरान रक्षा उत्पादन और उद्योगों के बीच साझेदारी को बढ़ाने पर जोर होगा। मेक इन इंडिया के तहत संयुक्त विकास और सह-उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। कई नई तकनीक पर ध्यान होगा, जिसमें साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और उभरते रक्षा क्षेत्र शामिल हैं।

इन मुद्दों पर हो सकते हैं समझौते

रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप पर हस्ताक्षर
संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के प्रशिक्षण में सहयोग के लिए समझौता
सैन्य सहयोग और वैश्विक भूमिका
मिलिट्री-टू-मिलिट्री सहयोग को मजबूत करना
वैश्विक शांति अभियानों में संयुक्त भागीदारी
पुरानी साझेदारी की समीक्षा
चल रही रक्षा परियोजनाओं की समीक्षा
नए सहयोग के अवसर तलाशना
डिफेंस इंडस्ट्री से संवाद
जर्मनी की प्रमुख रक्षा कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात
निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा

7 साल बाद जर्मनी की यात्रा कर रहे कैबिनेट मंत्री

7 साल बाद भारत का कोई कैबिनेट मंत्री जर्मनी की आधिकारिक यात्रा कर रहा है। इससे पहले निर्मला सीतारमण ने फरवरी 2019 में जर्मनी का दौरा किया था। वहीं, जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस जून 2023 में भारत आ चुके हैं। यह यात्रा भारत-जर्मनी रक्षा संबंधों को नई दिशा देने, अत्याधुनिक तकनीकी सहयोग बढ़ाने और “मेक इन इंडिया” को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह भी पढ़ें-

PM मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने की हैदराबाद हाउस में बैठक, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर

"वोट नहीं दिया तो वोटर लिस्ट से नाम कट जाएगा", इस अफवाह के कारण बंगाल लौट रहे मजदूर, ट्रेनों में खचाखच भीड़

 

 

Latest India News