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दिल्ली धमाके पर बड़ा खुलासा: 11 साल में 5 बार बिक चुकी है ब्लास्ट में शामिल i20 कार, देखें खरीदारों की लिस्ट

दिल्ली में लाल किला के पास धमाके पर बड़ा खुलासा हुआ है। जिस i20 कार में धमाका हुआ है वह बीते 11 साल में 5 बार बिक चुकी है। आइए देखते हैं इस कार के खरीदारों की लिस्ट।

Delhi blast i20 car red fort- India TV Hindi
Image Source : REPORTER दिल्ली ब्लास्ट में शामिल कार।

दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार को हुए धमाके को सरकार ने आतंकी कृत्य करार दिया है। इस घटना में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 20 से ज्यादा लोग घायल हैं जिनका अब भी अस्पताल में इलाज हो रहा है। आपको बता दें कि दिल्ली में ये ब्लास्ट एक सफेद रंग की i-20 कार में हुआ है जिसे उमर नाम का शख्स चला रहा था। अब इस कार को लेकर बड़ी जानकारी सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में ब्लास्ट हुई कार पिछले 11 साल में 5 बार बिक चुकी है।

आइए जानते हैं कि कब और किसे बेची गई कार:

  • पहली बार: आई-20 कार (HR26CE7476) 18 मार्च 2014 को नदीम ने गुरुग्राम के शोरूम से खरीदी।
  • दूसरी बार: नदीम ने कार 2017 में गुरुग्राम के शांति नगर के सलमान को बेच दी। सलमान ने कार अपने नाम रजिस्टर्ड करा ली।
  • तीसरी बार: मार्च 2024 में सलमान ने एक्सचेंज ऑफर के तहत पुरानी कार की खरीद-फरोख्त करने वाली एजेंसी के जरिए कार दिल्ली के ओखला निवासी देवेंद्र को बेच दी, लेकिन उसके नाम नहीं हो पाई।
  • चौथी बार: देवेंद्र ने एक्सचेंज ऑफर में कार फरीदाबाद के सेक्टर-37 स्थित रॉयल कार जोन के मालिक अमित पटेल को बेच दी।
  • पांचवी बार: अमित पटेल ने बताया कि इस कार का विज्ञापन ओएलक्स पर देखकर 29 अक्टूबर 2025 को आमिर रशीद व एक अन्य व्यक्ति पहुंचा। उन्होंने कार को देखते ही खरीदने का निर्णय ले लिया। इन्हें यहां के स्टाफ में तैनात सोनू ने हैंडल किया। सोनू ने इसके लिए 10 हजार रुपए कमीशन लिया था। कार के लिए आमिर द्वारा दिए गए अपने आधार कार्ड और पैन कार्ड पर पता जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का दर्ज था। 1.70 लाख रुपए लेकर शाम 4:15 बजे कार हैंडओवर कर दी। अलफलाह मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डॉ. उमर नबी ने ही पैसे देकर कार खरीदवाई। आमिर ने कार उमर को दे दी। कार के इंश्योरेंस की डेट अभी बची थी। पॉल्यूशन सर्टिफिकेट एक्सपायर हो गया था। इस वजह से उन्होंने नजदीक के पेट्रोल पंप में पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाया। इसके बाद कार लेकर चले गए। कार की आरसी अपने नाम ट्रांसफर कराने के लिए 20-25 दिन का समय दिया था, लेकिन इससे पहले ही ब्लास्ट कर दिया गया। यह कार अब तक सलमान के ही नाम रजिस्टर्ड है। सूत्रों के अनुसार अलफलाह यूनिवर्सिटी में प्लंबर का काम करता था।

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