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फर्जी सिम और सीक्रेट ऐप्स से चलता था ड्रग नेटवर्क, मास्टरमाइंड समेत 2 गिरफ्तार, 262 करोड़ की 328 KG मेथ की हुई बरामदगी

एनसीबी की जांच में सामने आया है कि शेन वारिस अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य था। उसके खुलासों से नेटवर्क के कई और सदस्यों की पहचान, अतिरिक्त माल की बरामदगी और ऑपरेशन की संरचना को समझने में एजेंसियों को बड़ी मदद मिली है।

एनसीबी ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT एनसीबी ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

दिल्ली–एनसीआर में चल रहे एक बड़े सिंथेटिक ड्रग रैकेट का पर्दाफाश एक बार फिर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की त्वरित कार्रवाई से हुआ है। नोएडा से गिरफ्तार किए गए 25 साल के शेन वारिस ने पूछताछ में ऐसे खुलासे किए, जिनसे एजेंसियों को अब तक की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक 328.54 किलो मेथाम्फेटामाइन तक पहुंचने में मदद मिली। इस मामले में एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया है।

महिला आरोपी एस्थर किनिमी भी गिरफ्तार

NCB ने बताया कि मामला अभी शुरुआती चरण में है। एजेंसियां ड्रग सप्लाई चेन, वित्तीय लेनदेन, विदेशी कनेक्शन और बाकी सह-साजिशकर्ताओं के बारे में और गहराई से जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और बरामदगियां होने की संभावना जताई जा रही है। एनसीबी ने जो 2 लोग गिरफ्तार किए हैं, उनमें एक महिला एस्थर किनिमी है। वह नागालैंड की रहने वाली है। उसी के फ्लैट से ये ड्रग बरामद हुआ है।

कंपनी में खुद को बताता था सेल्स मैनेजर

गिरफ्तार शेन वारिस मूल रूप से गांव मंगरौली, थाना हसनपुर, अमरोहा (U.P.) का रहने वाला है। फिलहाल वह नोएडा सेक्टर-5, हरौला के एक फ्लैट में रहता था और खुद को एक कंपनी में सेल्स मैनेजर बताता था। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने बॉस के कहने पर फेक सिम कार्ड, व्हाट्सऐप, और ज़ैंगी जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल करता था, ताकि उसके नेटवर्क की गतिविधियां किसी को पता न चलें।

शेन की गिरफ्तारी गुरुवार को हुई

NCB टीम की जांच में शेन का नाम सामने आने के बाद उसे गुरुवार (20.11.2025) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने ड्रग नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी दी और एक महिला एस्थर किनिमी का नाम बताया, जिसने पहले उसके जरिए एक ड्रग कंसाइनमेंट भिजवाया था।

328.54 किलो मेथाम्फेटामाइन की बरामदगी

शेन ने उसका मोबाइल नंबर, पता और नेटवर्क की बाकी जानकारियां भी साझा कीं। शेन से मिली जानकारी के आधार पर NCB ने छतरपुर एन्क्लेव फेज-2 में स्थित एक बिल्डिंग पर गुरुवार (20 नवंबर) की रात छापेमारी की। यहां से 328.54 किलो मेथाम्फेटामाइन बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत अरबों रुपये में है। यह बरामदगी अपने-आप में बेहद बड़ी मानी जा रही है।

जानिए इस मामले में क्या बोले गृह मंत्री अमित शाह

इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी बयान सामने आया है। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हमारी सरकार बहुत तेजी से ड्रग कार्टेल को खत्म कर रही है। ड्रग्स की जांच के लिए टॉप-टू-बॉटम और बॉटम-टू-टॉप अप्रोच को ज़ोरदार तरीके से अपनाते हुए दिल्ली में 262 करोड़ कीमत का 328 किलो मेथामफेटामाइन ज़ब्त करके और दो लोगों को गिरफ्तार करके एक बड़ी कामयाबी मिली है। यह ऑपरेशन पीएम मोदी जी के ड्रग-फ्री इंडिया के विजन को पाने के लिए बिना रुकावट मल्टी-एजेंसी कोऑर्डिनेशन का एक शानदार उदाहरण है। NCB और दिल्ली पुलिस की जॉइंट टीम को बधाई।'

कोडवर्ड के जरिए भेजे जाते थे निर्देश

एनसीबी की इस जांच में सामने आया है कि शेन इस पूरे नेटवर्क में एक अहम भूमिका निभा रहा था और उसके 'बॉस' विदेशी ऑपरेटिव्स थे, जो भारत में बैठे लोगों को ऐप्स और कोडवर्ड के जरिए निर्देश भेजते थे। शेन द्वारा बताए गए इनपुट के आधार पर गिरोह के कई और सदस्यों की पहचान की गई है। इसमें इस्तेमाल किए जाने वाले रूट, स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट के तरीके और संभावित फंडिंग चैनल्स की जानकारी सामने आई है।

 

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