Earthquake: जम्मू कश्मीर में फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। लगातार राज्य में भूकंप आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में शनिवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.9 मापी गई। केंद्र शासित प्रदेश में पिछले पांच दिनों में भूकंप के झटकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई।
शनिवार सुबह आया भूकंप
एनसीएस ने कहा कि भूकंप शनिवार सुबह 4.32 बजे आया, जिसका अक्षांश 32.87 डिग्री उत्तर और देशांतर 75.46 डिग्री पूर्व था। भूकंप का केंद्र जम्मू संभाग के भद्रवाह शहर से 26 किमी दक्षिण पश्चिम में था और इसकी गहराई 10 किमी थी। पिछले पांच दिनों में जम्मू संभाग के रियासी, उधमपुर, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए।
लगातार भूकंप के झटके किसी बड़ी तबाही के संकेत!
कुछ स्थानीय पृथ्वी वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी कि ये छोटे-छोटे झटके आने वाली किसी बड़ी भूकंपीय घटना का संकेत हो सकते हैं। जम्मू कश्मीर में हाल के समय में छोटे-छोटे भूकंप लगातार आ रहे हैं। कहीं ये छोटे भूकंप किसी बड़े खतरे के संकेत तो नहीं हैं? ऐसे में इन्हें हल्के में लिया जाना एक बड़ी गलती साबित हो सकती है। जानकारों का ऐसा मानना है कि इन हल्के भूकंपों को बड़ी चेतावनी के तौर पर देखा जाना चाहिए और बड़ा भूकंप आने पर नुकसान से बचने के लिए पहले से ही उसकी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
जान माल के नुकसान न हो, इसलिए पहले से करें तैयारी
ऐसा कहा जाता है कि भूकंप के छोटे झटके किसी बड़े भूकंप के आने से पहले चेतावनी देते हैं। ऐसे में जानमाल के कम से कम नुकसान के लिए पहले से तैयारी शुरू कर देना ही समझदारी है। एक मीडिया रिपोर्ट में नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलॉजी (एनसीएस) के पूर्व प्रमुख एके शुक्ला के हवाले से लिखा गया है कि ऐसी कोई मशीन नहीं बनी है, जिससे भूकंप की भविष्यवाणी हो सके। लेकिन जो छोटे भूकंप होते हैं, वह बड़े भूकंप की चेतावनी के तौर पर देखे जाने चाहिए।
वहीं कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि ये फायदेमंद थे, क्योंकि इन छोटी घटनाओं के माध्यम से पृथ्वी के अंदर निर्मित दबाव जारी होता है जो एक बड़ी भूकंपीय घटना से बच सकता है।
जम्मू कश्मीर में 2005 में आया था भीषण भूकंप
जम्मू कश्मीर बेहद संवेदनशील क्षेत्रों में आता है। यहां 8 अक्टूबर, 2005 में बेहद भीषण भूकंप आया था। जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.6 मापी गई थी। इस भूकंप के कारण एलओसी यानी नियंत्रण रेखा से सटे पाकिस्तान और भारत दोनों के ही इलाकों में 80 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई थी। वहीं अगर जम्मू कश्मीर की बात करें, तो यह भूकंप के खतरनाक जोन में पड़ता है।
Latest India News