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ONGC के कुएं में तीन दिन बाद भी गैस रिसाव जारी, 70 परिवारों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया

इस क्षेत्र से 70 परिवारों को निकटवर्ती बनगांव में स्थापित राहत शिविर में स्थानांतरित कर दिया गया है तथा उनकी सुविधा और खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।

ONGC- India TV Hindi
Image Source : X ओएनजीसी

शिवसागर: असम के शिवसागर जिले में ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के एक कुएं में गैस का रिसाव चौथे दिन भी जारी रहा। अधिकारियों ने बताया कि 70 परिवारों को राहत शिविर में पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि ओएनजीसी के निदेशक (प्रौद्योगिकी एवं फील्ड सेवाएं) विक्रम सक्सेना के नेतृत्व में एक टीम ने शनिवार को कुआं संख्या आरडीएस 147 का परिचालन नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया, जहां रिसाव शुरू हुआ था। 

रिसाव को नियंत्रित करने के लिए क्या किया जा रहा?

एक अधिकारी ने  बताया, “कुएं को नष्ट करने की प्रक्रिया जारी है और हमने इसके लिए सभी आवश्यक उपकरण जुटा लिए हैं। संकट प्रबंधन दल (सीएमटी) रिसाव को नियंत्रित करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है।” उन्होंने बताया कि कुएं में अभी तक आग नहीं लगी है और इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। यह गैस रिसाव 12 जून को भाटियापार के बारीचुक में ओएनजीसी के रुद्रसागर तेल क्षेत्र के रिग नंबर एसकेपी 135 के कुआं नंबर आरडीएस 147ए में हुआ था। एक निजी फर्म एसके पेट्रो सर्विसेज, सार्वजनिक क्षेत्र की ‘महारत्न’ कंपनी की ओर से कुएं का संचालन कर रही थी। 

गैस रिसाव से कितने लोग प्रभावित?

जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस घटना से करीब 1,500 लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा, “उन्हें गैस की गंध आ रही है और वे अपना चूल्हा या कुछ भी नहीं जला पा रहे हैं। हम उन्हें पका हुआ भोजन उपलब्ध करा रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।” जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर कहा कि इस क्षेत्र से 70 परिवारों को निकटवर्ती बनगांव में स्थापित राहत शिविर में स्थानांतरित कर दिया गया है तथा उनकी सुविधा और खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। 

प्रशासन ने कहा, “फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग के चिकित्सक मौके पर मौजूद हैं। वे लोगों और उनके पालतू जानवरों की स्वास्थ्य स्थिति की जांच कर रहे हैं।” इससे पहले, ओएनजीसी के एक अधिकारी ने कहा था कि यह एक पुराना कच्चा तेल कुआं था जिसमें उत्पादन नहीं हो रहा था। (भाषा)

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