1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. हिमाचल प्रदेश: कुल्लू में फोटो खिंचवाते समय पंजाब के 3 पर्यटक नदी के तेज बहाव में बहे, सामने आया VIDEO

हिमाचल प्रदेश: कुल्लू में फोटो खिंचवाते समय पंजाब के 3 पर्यटक नदी के तेज बहाव में बहे, सामने आया VIDEO

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में 3 लोग पानी के तेज बहाव में बह गए। इसका वीडियो भी सामने आया है।

Himachal Pradesh- India TV Hindi
Image Source : VIRAL VIDEO SCREENGRAB पंजाब के 3 पर्यटक नदी के तेज बहाव में बहे

मनीकर्ण: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मणिकर्ण घूमने आए पंजाब के पर्यटकों का परिवार जब पार्वती नदी के किनारे फोटो खिंचवा रहा था तो इसी दौरान परिवार के तीनों सदस्य तेज पानी के बहाव में बह गए। राहत की बात यह है कि तीनों सुरक्षित हैं और उन्हें समय रहते बचा लिया गया।

इससे पहले 2 मई को कुल्लू में एक दर्दनाक हादसा हो गया था, जिसमें एक कार के ऊपर भारी-भरकम पेड़ गिर गया था, जिसमें 4 महिला शिक्षकों की दर्दनाक मौत हो गई थी। दरअसल कुल्लू के आनी में तेज बारिश और आंधी-तूफान के बीच शमशर–चवाई सड़क मार्ग पर बालीओल के पास एक कार जा रही थी। इसी कार के ऊपर अचानक चीड़ का पेड़ गिर गया, जिससे वाहन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

हादसे के समय गाड़ी में ड्राइवर समेत कुल 7 लोग थे, जिसमें 4 महिला शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई। जिन टीचरों की मौत हुई, वह छुट्टी के बाद वापस लौट रही थीं। इस घटना में 3 लोग घायल हो गए थे, जिन्हें हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। इस घटना का मुख्य कारण मौसम था।

गौरतलब है कि कुल्लू में कई बार मौसम की मार की वजह से हादसे होते हैं, जिनमें लोगों की जान तक चली जाती है। इसी साल मार्च महीने में ही हिमाचल में हिमपात का असर कुल्लू में भी देखा गया था और कई इलाकों में भूस्खलन हुआ था। इस वजह से मंडी-कुल्लू सड़क मार्ग बंद हो गया था और लंबा जाम लगा था।

इस दौरान कुल्लू जिला प्रशासन ने मनाली-रोहतांग सड़क पर वाहनों का आवागमन बंद कर दिया था और केवल नेहरू कुंड तक ही वाहनों को जाने की अनुमति दी गई थी।

ऐसे में पर्यटकों को ये ध्यान रखना चाहिए कि कुल्लू खूबसूरत पर्यटक स्थल है लेकिन मौसम कभी भी आपका जायका बिगाड़ सकता है। ऐसे में सुरक्षा संबंधी गाइडलाइंस को हमेशा फॉलो करना चाहिए और घूमते समय अगर मौसम खराब हो तो अलर्ड मोड में रहना चाहिए। जरा सी लापरवाही जान के जोखिम का कारण बन सकती है। पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं, जिनमें लोगों ने अपनी जान गंवाई है। (रिपोर्ट- जितेन)

 

Latest India News