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भूकंप के बाद म्यांमार में जाम हुआ GPS सिग्नल, भारतीय वायुसेना ने फिर भी कैसे पहुंचाई राहत सामग्री

म्यांमार में भूकंप के बाद भारत ने 29 मार्च को राहत सामग्री भेजी थी। हालांकि म्यांमार में भारतीय वायुसेना के एयरक्राफ्ट को जीपीएस सिग्नल जैमिंग की समस्या का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद वायु सेना के जवानों ने इसे अपनी कौशलता से नेविगेट किया और राहत सामग्री पहुंचाई।

वायुसेना के जवानों ने नेविगेट कर पहुंचाई राहत सामग्री।- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV वायुसेना के जवानों ने नेविगेट कर पहुंचाई राहत सामग्री।

नई दिल्ली: म्यांमार में भीषण भूकंप के बाद भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया और म्यांमार को राहत पहुंचाई। इस दौरान भारतीय सेना को भी तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा। म्यांमार में भूकंप की वजह से सारी व्यवस्थाएं डावांडोल हो गई थीं। ऐसे में राहत सामग्री लेकर म्यांमार पहुंचे भारतीय विमान को लैंडिंग के दौरान समस्या का सामना करना पड़ा था। कुछ समय के लिए भारतीय विमान को म्यांमार में जीपीएस सिग्नल जाम होने की वजह से सिग्नल नहीं मिला, जिससे लैंडिंग में काफी समस्या हुई। हालांकि भारतीय वायु सेना के जवानों ने कौशलता का परिचय देते हुए इसे नेविगेट किया और म्यांमार तक राहत सामग्री पहुंचाई।

कई बार हुई जीपीएस जैमिंग की समस्या

दरअसल, बीते दिनों म्यांमार में 7.7 की तीव्रता का भूकंप आने के बाद भारत ने 29 मार्च को ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया। ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत, IAF C130J हरक्यूलिस ने 29 मार्च को राहत सामग्री के साथ भारत से उड़ान भरी। हालांकि म्यांमार सीमा पर भारतीय वायुसेना के विमान को GPS जैमिंग की समस्या का सामना करना पड़ा। यहां म्यांमार सीमा के पास करीब चार से पांच बार जीपीएस जैमिंग की समस्या सामने आई। इसकी सूचना IAF मुख्यालय को भी दी गई। 

संघर्ष क्षेत्र में चालू रहता है GPS जैमिंग सिस्टम

महत्वपूर्ण बात यह है कि भूकंप और युद्ध या संघर्ष क्षेत्र में एंटी ड्रोन सिस्टम के कारण जीपीएस जैमिंग सिस्टम चालू रहता है। ऐसे में कई बार विमानों के सिग्नल जाम हो जाते हैं। मांडले इंटरनेशनल एयरपोर्ट द्वारा जीपीएस की उपलब्धता में गिरावट की संभावना को NOTAM के रूप में बताया गया था और ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरती गई थीं। भारतीय वायुसेना के चालक दल ऐसी अनुपलब्धता को संभालने में सक्षम हैं, साथ ही उड़ान की सुरक्षा और निर्दिष्ट कार्य या मिशन की उपलब्धि सुनिश्चित करते हैं। तदनुसार, हर मिशन को योजना के अनुसार पूरा किया गया। हालांकि ऐसी स्थिति में भी भारतीय वायुसेना के पायलटों ने अपने अनुभव के साथ विमान को नेविगेट किया है। बता दें कि जैमिंग की यह स्थिति इजरायल के तेल अवीव और अन्य हर संघर्ष क्षेत्र में हो सकती है।

भारत ने म्यांमार को पहुंचाई राहत सामग्री

बता दें कि भारत ने भूकंप के बाद ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत म्यांमार को राहत सामग्री पहुंचाई थी। इसी के तहत 29 मार्च को हिंडन में मौजूद भारत वायुसेना के स्टेशन हिंडन से भारतीय वायुसेना (आईएएफ) सी-130जे विमान में म्यांमार के लिए राहत सामग्री भेजी गई थी। इस राहत पैकेज में टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, खाने के लिए तैयार भोजन, वाटर प्यूरीफायर, हाइजीन किट, सोलर लैंप, जनरेटर सेट और पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, सीरिंज, दस्ताने और पट्टियां जैसी आवश्यक जीचें शामिल थीं।

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