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प्रोफेसर सूर्यनारायणा दुल्ला के समर्थन में आया IIT मद्रास, फैकल्टी एसोसिएशन ने पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की

आईआईटी मद्रास फैकल्टी एसोसिएशन ने जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से जिम्मेदार ठहराने या मीडिया ट्रायल से बचने की अपील की। साथ ही शैक्षणिक कदाचार से जुड़ी संस्थागत प्रक्रियाओं में छात्रों के लिए पर्याप्त काउंसलिंग और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

IIT मद्रास- India TV Hindi
Image Source : PTI IIT मद्रास

आईआईटी बॉम्बे के एक युवा छात्र की 18 सितंबर 2026 को हुई मौत के मामले में आईआईटी मद्रास फैकल्टी एसोसिएशन ने दुख जताया है। IIT मद्रास प्रोफेसर सूर्यनारायणा दुल्ला के समर्थन में आया है। इसको लेकर एक पत्र भी लिखा। आईआईटी मद्रास के एसोसिएशन ने छात्र के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी छात्र की मौत पूरे शैक्षणिक समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति है। एसोसिएशन ने छात्र के दोस्तों, सहपाठियों और आईआईटी बॉम्बे के छात्र समुदाय के साथ भी एकजुटता जताई।

उचित प्रक्रिया के तहत की जाए निष्पक्ष जांच

आईआईटी मद्रास फैकल्टी एसोसिएशन ने कहा कि घटना की परिस्थितियों की जांच निष्पक्ष और उचित प्रक्रिया के तहत की जानी चाहिए। एसोसिएशन ने आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया है कि प्रोफेसर सूर्यनारायणा दुल्ला ने पाठ्यक्रम प्रशिक्षक और परीक्षा निरीक्षक के तौर पर संस्थान की सीनेट द्वारा अनुमोदित शैक्षणिक प्रक्रियाओं के अनुसार काम किया। 

फैकल्टी सदस्यों की परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने की है जिम्मेदारी 

एसोसिएशन ने कहा कि आईआईटी प्रणाली में फैकल्टी सदस्यों की जिम्मेदारी परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने की है और उन्हें बिना व्यक्तिगत बदनामी के डर के संस्थागत प्रक्रियाओं का ईमानदारी से पालन करने में सक्षम होना चाहिए। फैकल्टी एसोसिएशन ने मांग की कि मामले की जांच उचित संस्थागत और कानूनी अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से की जाए। साथ ही छात्र और उसके परिवार की गरिमा का पूरा सम्मान करने की अपील की गई है।

जांच पूरी होने से पहले किसी को ठहराया जाए जिम्मेदार

एसोसिएशन ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से या मीडिया में जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उसके मुताबिक, समय से पहले निकाले गए निष्कर्ष, मीडिया ट्रायल और सोशल मीडिया पर होने वाली अटकलें संबंधित लोगों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती हैं और न्याय के उद्देश्य के अनुकूल नहीं हैं।

कई पहलुओं पर गौर करने की भी मांग

इसके अलावा, एसोसिएशन ने जांच के दौरान इस पहलू पर भी गौर करने की मांग की कि शैक्षणिक कदाचार से निपटने वाली संस्थागत प्रक्रियाओं में छात्रों को अत्यधिक तनाव की स्थिति में पर्याप्त सहायता, काउंसलिंग और सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराए जाते हैं या नहीं। वहीं दूसरी ओर, IIT बॉम्बे ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए प्रोफेसर दुल्ला को Dean of Student Affairs के पद से हटा दिया है।

फैकल्टी एसोसिएशन ने छात्रों, शिक्षकों, प्रशासन, मीडिया और आम लोगों से संयम और संवेदनशीलता बरतने की अपील की है। आईआईटी मद्रास के इस बयान पर प्रोफेसर एथायराजा मणि, अध्यक्ष, फैकल्टी एसोसिएशन आईआईटी मद्रास के हस्ताक्षर हैं।

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