केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पुणे और मुंबई से संचालित एक बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय अपराध गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ये गिरोह विदेशी नागरिकों खासकर अमेरिकी नागरिकों को नकली पहचान, फिशिंग कॉल और वित्तीय धोखाधड़ी के ज़रिए निशाना बनाता था। सीबीआई ने गुरुवार को बैंकों के अज्ञात लोक सेवकों और चार निजी व्यक्तियों के खिलाफ एक सुनियोजित आपराधिक साजिश को आगे बढ़ाने के लिए जनवरी 2025 से चल रहे एक अवैध कॉल सेंटर को चलाने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
अमेरिकी नागरिकों को भी धोखा
यह गिरोह अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर अमेरिकी आंतरिक राजस्व सेवा (IRS), अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) और यहां तक कि भारतीय उच्चायोग जैसी एजेंसियों के अधिकारियों का रूप धारण करके, अनजान अमेरिकी नागरिकों को धोखा दे रहा था।
संचालित किया जा रहा था अवैध कॉल सेंटर
कानूनी कार्रवाई की धमकी के तहत पीड़ितों को उपहार कार्ड या बिटकॉइन ट्रांसफर के माध्यम से 500 से 3,000 डॉलर तक की राशि का भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया। पुणे स्थित एक गुप्त रूप से संचालित अवैध कॉल सेंटर से नकली वीओआईपी-आधारित कॉल किए जा रहे थे।
RBI के दिशानिर्देशों का उलंलघन
यह पता चला है कि अवैध रूप से अर्जित की गई अनुमानित 3-4 करोड़ रुपये मासिक आय को खातों, क्रिप्टोकरेंसी और हवाला के माध्यम से वैध बनाया जा रहा है। यह भी पता चला है कि इन कार्यों को कुछ अज्ञात सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक अधिकारियों का समर्थन प्राप्त है, जो जाली केवाईसी दस्तावेजों का उपयोग करके फर्जी खाते खोलने और संचालन में मदद करते हैं, जो स्थापित आरबीआई और संस्थागत दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हैं।
हवाला चैनलों के माध्यम से पैसों का भुगतान
कॉल सेंटर के कर्मचारियों को अमेरिका और महाराष्ट्र व गुजरात सहित घरेलू स्थानों से हवाला चैनलों के माध्यम से नकद भुगतान किया जाता है। ये कर्मचारी पुणे में कई आवासीय फ्लैटों में रहते हैं। इस घोटाले में व्हाट्सएप और सिग्नल जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर विक्रेताओं के माध्यम से संपर्क लीड का अवैध अधिग्रहण शामिल है। पीड़ितों से इन विक्रेताओं द्वारा जारी और प्रसारित टोल-फ्री नंबरों के माध्यम से संपर्क किया जाता है, और अंततः उन्हें धोखाधड़ी वाले कॉल सेंटर से जोड़ दिया जाता है।
7 ठिकानों पर CBI की तलाशी
मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई द्वारा गुरुवार को पुणे में आरोपियों द्वारा संचालित अवैध कॉल सेंटर सहित आरोपियों या उनसे जुड़े व्यक्तियों के 7 ठिकानों पर तलाशी ली गई। पुणे स्थित अवैध कॉल सेंटर में आरोपियों और उनके सहयोगियों के कब्जे से साइबर धोखाधड़ी/डिजिटल उपकरणों से संबंधित विभिन्न आपत्तिजनक सामग्री जैसे 27 मोबाइल फोन और 17 लैपटॉप जब्त किए गए हैं।
नशीला पदार्थ भी जब्त
इन मोबाइल फोन और लैपटॉप की जांच से पता चला है कि ये आरोपी सिग्नल और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कॉलर सेवाओं का उपयोग कर रहे थे। उपरोक्त के अलावा, एक आरोपी के घर से 1.60 लाख रुपये की अघोषित नकदी और लगभग 150 ग्राम नशीला पदार्थ जब्त किया गया है। आरोपी के मोबाइल फोन की जाँच से पता चला है कि उसके बटुए में 6.94 लाख रुपये की क्रिप्टो करेंसी है।
3 आरोपी गिरफ्तार
एक अन्य आरोपी के आवास की तलाशी के दौरान 9.60 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई है। तीन निजी आरोपियों को गिरफ्तार कर सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश, मुंबई के समक्ष पेश किया गया और उन्हें 30 जुलाई 2025 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले की आगे की जांच जारी है। (भाषा के इनपुट के साथ)
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