देश आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और इस बार आजादी का दिन काफी खास है, क्योंकि शनिवार को दिल्ली के लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण बजाया गया, जो देश के आधिकारिक राष्ट्रीय समारोहों में एक ऐतिहासिक क्षण था। कार्यक्रम की शुरुआत में राष्ट्रीय गीत गाया गया और उसके बाद राष्ट्रगान हुआ। राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया।
लाल किले पर आज क्या खास रहा
- वंदे मातरम का गायन आज ऐसे समय में हुआ है जब भारत 'वंदे मातरम' की 150 साल पुरानी विरासत का जश्न मना रहा है।
- नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के लिखे राष्ट्रगान 'जन गण मन' से पहले राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' गाया गया।
- पीएम मोदी ने लाल क़िले से अपने संबोधन में कहा, ''आज़ादी के बाद यह पहली बार है, जब लाल किले पर 'वंदे मातरम' बजाया गया है।"
- इस जश्न में राष्ट्रीय गीत को भी खास जगह दी गई।
- कार्यक्रम में लगभग 2,500 नेशनल कैडेट कोर (NCC) कैडेट और 'मेरा भारत' (My Bharat) के वॉलंटियर्स शामिल हुए।
- लाल किले पर 'वंदे मातरम' का पूरा वर्जन बजाया गया।
- इससे एक दिन पहले, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्र के नाम संबोधन की शुरुआत और समापन पर भी इसे बजाया गया था।
- यह पहली बार था जब स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या के आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत का पूरा वर्जन शामिल किया गया।
- वंदे मातरम्' के पूर्ण संस्करण को हाल ही में राष्ट्रगान के समान क़ानूनी संरक्षण दिया गया है।
- कैडेट और वॉलंटियर्स को लाल किले की प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर बैठाया गया था और उन्होंने जश्न के हिस्से के तौर पर 'वंदे मातरम' शब्द की आकृति बनाई।
- ज्ञानपथ पर 'विकसित भारत @2047' की थीम को दर्शाने वाले कट-आउट भी लगाए गए थे।
- लाल किले पर इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में अलग-अलग क्षेत्रों से आए लगभग 5,000 खास मेहमान शामिल हुए।
- यह इसलिए अहम है क्योंकि राष्ट्रगान को संवैधानिक दर्जा हासिल है और आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत इसे गणतंत्र का सर्वोच्च संगीतमय प्रतीक माना जाता है।
आप भी सुनें वंदे मातरम
Latest India News