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India TV 'She' Conclave: भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने महिलाओं के मुद्दे पर की खुलकर बात, जानें क्या कहा

इंडिया टीवी के खास कार्यक्रम 'She' Conclave में हमारी खास मेहमान बनी भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज। इस दौरान बांसुरी स्वराज ने महिलाओं के लीडरशिप और महिलाओं के मुद्दे पर खुलकर बात की।

India TV 'She' Conclave में पहुंची...- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV India TV 'She' Conclave में पहुंची बांसुरी स्वराज

नई दिल्ली: इंडिया टीवी के 'She' Conclave में खास मेहमान बनी भारतीय जनता पार्टी की नई दिल्ली सीट से सांसद बांसुरी स्वराज। इस दौरान बांसुरी स्वराज ने महिलाओं के मुद्दे पर खुलकर बात की। इस दौरान बांसुरी स्वराज ने कहा कि मेरी मां (सुषमा स्वराज) मेरी सबसे अच्छी दोस्त थीं। हर शुक्रवार की शाम मां मेरे साथ समय बिताती थीं। अब महिलाओं के नेतृत्व में राष्ट्र का सशक्तिकरण हो रहा है। महिलाएं समाज में आर्थिक योगदान दे रही हैं। सनातन संस्कृति की बहुएं मॉडर्न और प्रोग्रेसिव हैं। घर के माहौल में ही बच्चों के संस्कार बनते हैं।

क्या बोलीं बांसुरी स्वराज

उन्होंने कहा कि जब मैं 5 साल की थी तो मेरी मां ने मुझे शिव तांडव स्त्रोतम सिखाया था। उन्होंने मेरे अंदर राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं जगने दी। मेरे अंदर वजूद बनाने की महत्वाकांक्षा उन्होंने भरी। अब भारत में महिला आधारित विकास की बात हो रही है। बांसुरी स्वराज ने इस दौरान सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पूरे जीवन में उन्होंने (सुषमा स्वराज) ने मेरे लिए समय निकाला। मेरे इतने लंबे जीवन में जब जब बहुत ज्यादा आवश्यकता थी, तब-तब मैंने अपनी मां को खड़ा पाया। अपने बच्चों के साथ माता-पिता को बातचीत का चैनल खुला रखना चाहिए।

Image Source : INDIA TVइंडिया टीवी 'SHE' कॉन्क्लेव

सनातन संस्कृति है मॉडर्न: बांसुरी स्वराज

बांसुरी स्वराज ने कहा कि मेरे माता-पिता जब 17 साल के थे तब कॉलेज में मिले थे। अब जब मैं राजनीति में आ चुकी हैं और मैं ये देखती हूं कि मेरे पिता का इतना सपोर्ट है तो मैं ये मानती हूं कि बांसुरी स्वराज पिता से नाम के बगैर अधूरा है। उन्होंने कहा कि हम महिलाओं को मानसिक तौर पर अपने आप को इतना मजबूत करना पड़ेगा कि हम आत्मग्लानी के विषचक्र में न फंसे। आप वर्किंग महिला को गिल्ट में नहीं डाल सकते हैं। क्योंकि वह बाहर जाकर पैसे कमाती है तो वो भी परिवार की देखभाल के लिए कर रही होती है। समाज में कुछ कुरीतियां, कुछ विकृतियां आ गईं हैं, जिसे बदलना होगा। बांसुरी स्वराज ने कहा कि अपनी संस्कृति को और मॉडर्न होने को बैलेंस करना यह कोई विरोधभास नहीं है। सनातन संस्कृति अपने आप में बहुत मॉडर्न है और बहुत प्रोग्रेसिव है।

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