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Hindi News भारत राष्ट्रीय 12 लॉन्चर और 104 जेवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल की इमरजेंसी खरीद कर रही भारतीय सेना, DRDO भी चला रहा MP-ATGM प्रोग्राम

12 लॉन्चर और 104 जेवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल की इमरजेंसी खरीद कर रही भारतीय सेना, DRDO भी चला रहा MP-ATGM प्रोग्राम

भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार, महानिदेशक (इन्फैंट्री) ने जानकारी दी है कि भारतीय सेना आपातकालीन तौर पर जेवलिन एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों के 12 लॉन्चर और 104 मिसाइलें खरीद है जो कि पाइपलाइन में हैं।

india anti tank guided missile- India TV Hindi Image Source : PEXERS/REPORTER भारतीय सेना जुटा रही हथियारों का जखीरा।

भारतीय सेना की एंटी-टैंक क्षमता को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। आपातकालीन खरीद प्रक्रिया के तहत, सेना के लिए 12 लॉन्चर और 104 जेवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) पहले ही पाइपलाइन में हैं और निकट भविष्य में डिलीवरी की उम्मीद है। भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार, महानिदेशक (इन्फैंट्री) ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि डीआरडीओ द्वारा एमपी-एटीजीएम कार्यक्रम सहित एटीजीएम के लिए कई आत्मनिर्भर परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।

क्या है जैवेलिन मिसाइल की खूबियां?

जेवलिन मिसाइल की खूबियों की बात करें तोस ये एक फायर-एंड-फॉरगेट, पोर्टेबल एंटी-टैंक मिसाइल है, जो टॉप-एटैक क्षमता और बख्तरबंद वाहनों के खिलाफ सटीक प्रहार के लिए जानी जाती है। यह खरीद सेना को आधुनिक टैंक खतरों का मुकाबला करने की तुरंत क्षमता प्रदान करेगी। इस मिसाइल की खरीद भारतीय सेना को दुश्मनों के मुकाबले बड़ी बढ़त देगी।

आत्मनिर्भर प्रोजेक्ट्स भी जारी

विदेशी खरीद के साथ-साथ, भारत आत्मनिर्भर ATGM परियोजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ा रहा है। DRDO का MP-ATGM प्रोग्राम इस दिशा में एक प्रमुख कदम है, जो इन्फैंट्री यूनिट्स के लिए तीसरी पीढ़ी की टॉप-एटैक क्षमता वाली मिसाइल विकसित कर रहा है। साथ ही, कई देशी प्रोजेक्ट्स विभिन्न चरणों में परीक्षण और विकास के तहत हैं। इनमें Make-2 प्रक्रिया के तहत निजी उद्योगों को भी शामिल किया जा रहा है, ताकि वे प्रोटोटाइप विकास और उत्पादन में योगदान दे सकें

चौथी पीढ़ी की ATGM के लिए RFP अंतिम चरण में

DRDO और रक्षा मंत्रालय चौथी पीढ़ी की ATGM प्रणाली के लिए RFP (Request for Proposal) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। यह अगली पीढ़ी की मिसाइलें उन्नत इमेजिंग, फायर-एंड-फॉरगेट गाइडेंस, बढ़ी हुई सीमा और प्रहार क्षमता के साथ आएंगी। Make-2 प्रक्रिया के तहत भारतीय निजी कंपनियों को प्रोटोटाइप और उत्पादन में शामिल किया जाएगा, जिससे देश में प्रौद्योगिकी और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।

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