A
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. उत्तराखंड में भूकंप के जोरदार झटके, घरों से बाहर निकले लोग; जानें कितनी रही तीव्रता

उत्तराखंड में भूकंप के जोरदार झटके, घरों से बाहर निकले लोग; जानें कितनी रही तीव्रता

उत्तराखंड के चमोली जिले में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए हैं। इस दौरान लोग घरों से बाहर निकल गए। फिलहाल भूकंप की वजह से किसी नुकसान की सूचना नहीं है।

चमोली में भूकंप के झटके।- India TV Hindi
Image Source : REPRESENTATIVE IMAGE चमोली में भूकंप के झटके।

चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में सोमवार की शाम भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। हालांकि किसी प्रकार के नुकसान की कोई खबर नहीं है। अधिकारियों ने भूकंप के बारे में जानकारी दी। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, शाम लगभग पौने सात बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। प्रशासन ने बताया कि भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.4 मापी गयी और भूकंप का केंद्र चमोली जिले में धरातल से पांच किलोमीटर की गहराई में था। 

भूकंप का आकलन राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) द्वारा किया गया है। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि फिलहाल किसी प्रकार के नुकसान की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। अधिकारी ने बताया कि लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने का अनुरोध किया गया है। वहीं भूकंप की वजह से लोग घरों से बाहर भी निकल गए।

क्यों आते हैं भूकंप?

हाल के दिनों में देश-दुनिया के कई इलाकों में भूकंप की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, कभी-कभी इनमें टकराव या घर्षण भी होता है। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान आम जनजीवन को उठाना पड़ता है। भूकंप से मकानें गिर जाती हैं, जिसमें दबकर हजारों लोगों की मौत हो जाती है।

भारत में क्या हैं भूकंप के जोन

भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के कुल भूभाग के लगभग 59 फीसदी हिस्से को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। वैज्ञानिकों ने भारत में भूकंप क्षेत्र को जोन-2, जोन-3, जोन-4 व जोन-5 यानी  4 भागों में विभाजित किया है। जोन-5 के इलाकों को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है, जबकि जोन-2 कम संवेदनशील माना जाता है। हमारे देश की राजधानी दिल्ली भूकंप के जोन-4 में आती है। यहां 7 से अधिक तीव्रता के भी भूकंप आ सकते हैं जिससे बड़ी तबाही हो सकती है। भारत में हिमालय क्षेत्र और कुछ अन्य फॉल्ट लाइनों (जैसे कच्छ, पूर्वोत्तर भारत) के कारण भूकंप का खतरा अधिक है, क्योंकि भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है।

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता का अंदाजा

4 से 4.9 तीव्रता के भूकंप में घर में रखा सामान अपनी जगह से नीचे गिर सकता है। 5 से 5.9 तीव्रता के भूकंप में भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकता है। 6 से 6.9 में इमारत का बेस दरक सकता है। 7 से 7.9 में इमारतें गिर जाती हैं। 8 से 8.9 में सुनामी का खतरा होता है और ज्यादा तबाही मचती है। 9 या ज्यादा में सबसे भीषण तबाही होती है। (इनपुट- पीटीआई)

यह भी पढ़ें-

चक्रवाती तूफान 'मोंथा' का कहर शुरू, आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल शुरू; PM मोदी ने की सीएम नायडू से बात

मुंबई में पकड़े गए 6 अफगानी नागरिक, पुलिस ने किया गिरफ्तार; फर्जी दस्तावेज बरामद

Latest India News