चेन्नई: तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के 25 मछुआरों को मालदीव के कोस्ट गार्ड ने हिरासत में ले लिया है। उनके साथ मछली पकड़ने वाली 3 नावें भी जब्त की गई हैं। ये सभी मछुआरे गहरे समुद्र में मछली पकड़ने गए थे। अब मछुआरा समुदाय ने केंद्र सरकार से सभी लोगों की सुरक्षित रिहाई और नावें वापस दिलाने के लिए तुरंत कदम उठाने की अपील की है। मछुआरों के मुताबिक, समुद्र में तेज हवाओं और पानी की धाराओं के कारण उनकी नावें मालदीव के जलक्षेत्र में पहुंच गई थीं।
1 अक्टूबर को मछली पकड़ने निकले थे 25 मछुआरे
थारुवैकुलम के मछुआरे सुदर्शन ने बताया कि वे गिलनेट यानी जाल के जरिए मछली पकड़ने का काम करते हैं। 1 अक्टूबर को 25 मछुआरे तीन मशीनी नावों पर सवार होकर गहरे समुद्र में टूना मछली पकड़ने निकले थे। इसी दौरान मालदीव के कोस्ट गार्ड ने उन्हें हिरासत में ले लिया। मालदीव के अधिकारियों का आरोप है कि मछुआरों ने समुद्री सीमा पार कर उसके जलक्षेत्र में मछली पकड़ी। हालांकि, मछुआरा समुदाय का कहना है कि तेज हवाओं और समुद्री धाराओं के कारण नावें मालदीव की सीमा में चली गई थीं।
बचपन से मछली पकड़ रहे हैं, परिवार चलाना मुश्किल
हिरासत में लिए गए मछुआरों में से एक के भाई सुदर्शन ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने कहा,
'हम बचपन से मछली पकड़ने का काम कर रहे हैं। इसी पेशे से अपने परिवारों का पेट पालने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। मछुआरों को हिरासत में लिए जाने से हमें भारी आर्थिक नुकसान और मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।'
सुदर्शन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और सभी 25 मछुआरों की सुरक्षित रिहाई के साथ उनकी तीनों नावें वापस दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाएं।
श्रीलंका की नौसेना ने भी 9 मछुआरों को पकड़ा
तमिलनाडु के मछुआरों की गिरफ्तारी का यह अकेला मामला नहीं है। इसी महीने श्रीलंका की नौसेना ने रामेश्वरम के नौ मछुआरों को भी हिरासत में लिया था। उनकी नाव को भी जब्त कर लिया गया। यह कार्रवाई नेदुनथीवु के पास की गई, जहां श्रीलंकाई नौसेना ने आरोप लगाया कि मछुआरों की नाव अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पार कर गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, उस शनिवार को रामेश्वरम के मछली पकड़ने वाले बंदरगाह से 400 से कम नावें समुद्र में गई थीं। बाद में शाम के समय नेदुनथीवु के पास मछली पकड़ रहे नौ मछुआरों को उनकी नाव समेत पकड़ लिया गया।
गिरफ्तारी से मछुआरा समुदाय में नाराजगी
श्रीलंका की नौसेना की कार्रवाई के बाद रामेश्वरम के मछुआरा समुदाय में चिंता और नाराजगी बढ़ गई। मछुआरा संगठनों के प्रतिनिधियों ने केंद्र और तमिलनाडु सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की। मछुआरा संघ के अध्यक्ष करालमार्क्स ने कहा कि मछुआरे रामेश्वरम के टोकन कार्यालय से जरूरी अनुमति पत्र लेने के बाद ही समुद्र में गए थे। इसके बावजूद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा,
'आज रामेश्वरम के टोकन कार्यालय से अनुमति पत्र लेकर समुद्र में गए 9 मछुआरों और उनकी एक नाव को श्रीलंकाई सरकार ने गिरफ्तार कर लिया। इसकी कड़ी निंदा होनी चाहिए। यह समझ नहीं आता कि केंद्र और राज्य सरकारें आखिर कर क्या रही हैं।'
भारत और श्रीलंका के मछुआरों के बीच बातचीत की मांग
मछुआरा संघ के अध्यक्ष ने कहा कि बार-बार होने वाली गिरफ्तारियों से मछुआरों और उनके परिवारों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने भारत और श्रीलंका के मछुआरों के बीच बातचीत कराने की मांग की, ताकि कोई स्थायी समाधान निकाला जा सके। इससे मछुआरे बार-बार गिरफ्तारी के डर के बिना अपनी आजीविका चला सकेंगे। बता दें कि हाल ही में एक खबर सामने आई थी जब मुंबई पुलिस ने समुद्र में फंसे 9 मछुआरों की जान बचाई थी। (ANI से इनपुट्स के साथ)
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