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माओवादियों का मंसूबा नाकाम, सुरक्षा बलों ने बरामद किया लूटा हुआ 3.6 टन विस्फोटक

ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में माओवादियों ने लगभग 4 टन विस्फोटक लूटा था। उनमें से सुरक्षा बलों ने अब तक लगभग 3.6 टन विस्फोटक बरामद कर लिया है।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
Image Source : REPRESENTATIVE IMAGE प्रतीकात्मक फोटो

ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में माओवादियों द्वारा लूटे गए लगभग 4 टन विस्फोटक में से सुरक्षा बलों ने अब तक लगभग 3.6 टन विस्फोटक बरामद कर लिया है। यह जानकारी बुधवार को अधिकारियों ने दी। गत 27 मई को माओवादियों ने के. बालंग इलाके में बांको पत्थर खदान से विस्फोटक ले जा रहे एक ट्रक को लूट लिया था, जिसमें अधिकतर जिलेटिन था। इस घटना के बाद ओडिशा पुलिस ने सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर, विशेष अभियान समूह (एसओजी) और कोबरा इकाई के साथ मिलकर झारखंड के सारंडा जंगल में एक संयुक्त अभियान चलाया।

घने जंगल में छिपाकर रखा गया था विस्फोटक

डीआईजी (पश्चिमी रेंज) बृजेश राय ने बताया कि मंगलवार रात अभियान के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने 1,000 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया। इससे पहले सोमवार को भी लगभग 2.5 टन विस्फोटक बरामद किया गया था। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इससे पहले लगभग 157 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि विस्फोटक घने जंगल में छिपाकर रखा गया था। राय ने बताया, "झारखंड से सटे घने जंगल में तलाशी अभियान जारी है।" इस बीच, ओडिशा पुलिस की एसआईटी ने मंगलवार को विस्फोटक गोदाम के मालिक श्रवण अग्रवाल और ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

कुछ घंटों के भीतर पांच मरीजों की मौत

एक अन्य खबर में, ओडिशा के कोरापुट में शहीद लक्ष्मण नायक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कथित लापरवाही के कारण पांच मरीजों की मौत के बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। मंगलवार रात अस्पताल में भर्ती दो पुरुषों और तीन महिलाओं की कुछ घंटों के अंतराल में मौत हो गई। मृतक मरीजों के परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें कोई टीका दिया गया, जिसके बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

मामले की विभागीय जांच के आदेश 

अस्पताल के अधीक्षक सुशांत कुमार साहू ने बताया कि मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा, "हमने सभी विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। मंगलवार रात जिन मरीजों की मौत हुई, वे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती थे। प्रथम दृष्टया ऐसा नहीं लगता कि मौत किसी गलत टीके के कारण हुई। हालांकि, हम आरोपों की जांच करेंगे।" अधिकारियों के मुताबिक, तीन मरीजों की मौत गहन देखभाल इकाई (आईसीयू) में हुई, जबकि दो अन्य ने सामान्य वॉर्ड में दम तोड़ दिया। (इनपुट- भाषा)

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