बरेली: ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा है कि भारत कभी नेपाल, बांग्लादेश या श्रीलंका जैसा नहीं बन सकता। उन्होंने सरकार से उन लोगों की जांच कराने की मांग की, जो विदेश से भारत आकर विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहे हैं। मौलाना रजवी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बरेली में यह बयान दिया। उन्होंने कहा, 'भारत कभी नेपाल, बांग्लादेश या श्रीलंका नहीं बन सकता। बाहर से यहां आकर प्रदर्शन करने वाले लोगों की सरकार को जांच करनी चाहिए।'
मौलाना रजवी ने योगी सरकार की कानून-व्यवस्था की तारीफ की
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बात करते हुए मौलाना रजवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की तारीफ की। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था सख्त रही है। रजवी ने आरोप लगाया कि बहराइच और संभल की घटनाओं को छोड़कर मौजूदा सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में हिंसा की कोई दूसरी घटना नहीं हुई। उन्होंने पूर्व सीएम अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी की सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उसके कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले मुस्लिम युवाओं से की थी अपील
मौलाना रजवी का ताजा बयान जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर उनकी पिछली अपील के कुछ दिन बाद आया है। उन्होंने मुस्लिम युवाओं से कॉकरोच जनता पार्टी के 10 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से दूर रहने की अपील की थी। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़ा था। प्रदर्शन के आयोजकों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया था। इसी मुद्दे को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई गई थी।
'प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन...'
अपनी पिछली अपील में मौलाना रजवी ने कहा था कि विरोध-प्रदर्शन करना कानूनी और लोकतांत्रिक अधिकार है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि अगर प्रदर्शन हिंसक हो जाते हैं तो आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने खास तौर पर दिल्ली और यूपी के आसपास के इलाकों में रहने और काम करने वाले मुस्लिम युवाओं से प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल न होने की अपील की थी। रजवी ने कहा था कि विरोध के दौरान हिंसा होने से आम जनता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बता दें कि नेहा बोरा ने बांग्लादेश में हुए प्रदर्शनों पर कहा था कि इसने जेन-जी को रास्ता दिखाया और प्रशांत भूषण ने 'रिजीम चेंज' को लेकर बयान दिया था। (ANI से इनपुट्स के साथ)
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