भुवनेश्वर: 'मिड डे मील' (Mid Day Meal ) की योजना में ओडिशा सरकार अब बड़ा बदलाव करने जा रही है। राज्य सरकार ने कक्षा 9 और 10 के छात्रों को 'मिड डे मील' (मध्याह्न भोजन) योजना के तहत शामिल करने का फैसला किया है। यह सुविधा अब तक कक्षा एक से 8 तक पढ़ने वालों के लिए उपलब्ध है। मंगलवार को कटक में रानीहाट हाई स्कूल के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मध्याह्न भोजन लाभ के विस्तार का ऐलान किया।
ड्रॉपआउट दरों को कम करेगी
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि यह योजना छात्रों की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करेगी और माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दरों को कम करेगी। यह कार्यक्रम 'प्रधानमंत्री पोषण योजना' के तहत पूरे देश में जारी है। इसके तहत छह से चौदह वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाता है। एक से आठवीं तक पढ़ने वाले बच्चों को यह सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध
सीएम माझी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने छात्रों को स्कूल छोड़ने से रोकने के लिए जेब खर्च प्रदान करने के लिए 'शहीद माधो सिंह हाटा खर्चा योजना' शुरू की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई भाजपा सरकार स्कूली शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं कि छात्र बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
15 अगस्त, 1995 को शुरू हुई थी योजना
बता दें कि मिड डे मील स्कीम देश के 2408 ब्लॉकों में केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित स्कीम के रूप में 15 अगस्त, 1995 को शुरू की गई थी। वर्ष 1997-98 तक यह कार्यक्रम देश के सभी ब्लाकों में आरंभ कर दिया गया। वर्ष 2003 में इसका विस्तार शिक्षा गारंटी केन्द्रों और वैकल्पिक व नवाचारी शिक्षा केन्द्रों में पढ़ने वाले बच्चों तक कर दिया गया।
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