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नगरपालिका की वोटिंग में पोलिंग बूथ के अंदर कई लोगों के साथ घुसे मंत्री जी, महिला कार्यकर्ताओं ने भगाया-VIDEO

मंत्री सुबोध अपने साथ कई लोगों को लेकर पोलिंग बूथ के अंदर घुसे थे। वहां पर मौजूद यूकेडी महिला कार्यकर्ताओं ने मंत्री को पोलिंग बूथ से बाहर करने को कहा और दोनों के बीच बहस होने लगी।

उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल

उत्तराखंड के नरेंद्रनगर नगरपालिका चुनाव के मतदान के दौरान कैबिनेट मंत्री एवं स्थानीय विधायक सुबोध उनियाल के मतदान केंद्र में प्रवेश को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि मंत्री सुबोध उनियाल आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए पोलिंग बूथ के अंदर पहुंचे, जिसका यूकेडी नेत्री प्रमिला रावत और वरिष्ठ नेता दिनेश मास्टर ने विरोध किया। विरोध के दौरान मंत्री और स्थानीय लोगों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

UKD कार्यकर्ताओं ने किया विरोध

ये मामला टिहरी गढ़वाल के नरेंद्र नगर पालिका चुनाव का है। जहां आज वोटिंग हो रही थी। वोटिंग के दौरान धामी कैबिनेट के मंत्री सुबोध उनियाल मतदान केंद्र के अंदर घुस गए। इसके बाद उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया। मामला कहासुनी तक पहुंच गया। 

जमकर हुई तीखी बहस

देखते ही देखते दोनों पक्षों में तीखी नोंकझोक हुई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। सुबोध उनियाल के मतदान कक्ष में घुसने पर उत्तराखंड क्रांति दल की नेत्री प्रमिला रावत ने अपना तीखा विरोध दर्ज कराया। 

अपने लोगों के साथ वापस लौटने को मजबूर हुए मंत्री जी

इस दौरान प्रमिला रावत और सुबोध उनियाल के बीच बहस भी हुई। इस दौरान दोनों तरफ से गहमा गहमी का माहौल बना रहा। हंगामा बढ़ते देख उनियाल दलबल के साथ वापस लौट गए।

लोकतांत्रिक मर्यादाओं और निर्वाचन नियमों का हुआ उल्लंघन

इस मामले में कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने मंत्री के आचरण की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं और निर्वाचन नियमों का उल्लंघन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि आपत्ति जताने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और विरोध कर रहे लोगों के मोबाइल फोन तक छीनने की कोशिश की गई।

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

गरिमा मेहरा दसौनी ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूरे मामले का संज्ञान लेने, निष्पक्ष जांच कराने और यदि चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन पाया जाए तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सर्वोपरि है और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

हिमांशु कुशवाहा की रिपोर्ट

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