Mumbai: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को विपक्ष शासित कई राज्यों से अपील की थी कि वे ‘राष्ट्र हित’ में पेट्रोल-डीजल पर से वैट (Narendra Modi Appeal for VAT) घटाकर आम आदमी को राहत दें। अब उनके इस बयान पर बाकी नेताओं की बयानबाजी शुरू हो गई है।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री जितेंद्र आह्वाड का इस मुद्दे पर बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, 'पहले केंद्र सरकार राज्य सरकार का 26 हजार करोड़ का बकाया दे, फिर हम फैसला लेंगे। मोदी देश के बाप हैं, महाराष्ट्र और बंगाल आपके छोटे-छोटे बच्चे हैं। बाप को अपने बच्चों को पहले भरपेट खिलाना चाहिए। जिन राज्यों ने वैट कम किया, उससे ज्यादा कुछ फर्क नही पड़ा, वहां दो-चार रुपए दाम कम है।'
उद्धव ठाकरे ने भी पीएम मोदी की बात पर किया था पलटवार
बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे (uddhav-thackeray) ने भी पीएम मोदी की बात पर पलटवार किया था। ठाकरे ने कहा था कि केंद्र को सभी राज्यों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। महाराष्ट्र को केंद्रीय टैक्स का 5.5 फीसदी हिस्सा मिलता है। कुल प्रत्यक्ष कर में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 38.3 प्रतिशत है। महाराष्ट्र देश में सबसे अधिक 15% जीएसटी संकलित करता है। प्रत्यक्ष कर और जीएसटी दोनों को मिलाकर महाराष्ट्र देश का नंबर एक राज्य है। इसके बावजूद राज्य पर अभी भी करीब 26,500 करोड़ रुपए का जीएसटी बकाया है।
केंद्र के बारे में बोलते हुए ठाकरे ने कहा कि केंद्र से सभी राज्यों को समान व्यवहार की उम्मीद है। आज मुंबई में एक लीटर डीजल के दाम के पीछे केंद्र का 24.38 प्रतिशत हिस्सा और राज्य का हिस्सा 22.37 रुपए प्रति लीटर है। पेट्रोल की कीमत पर 31.58 पैसे केंद्रीय कर और 32.55 पैसे राज्य का कर है। इसलिए यह सच नहीं है कि राज्य की वजह से पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है।
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