Cyclone Murasu LIVE: आंध्र प्रदेश में मुरसु का लैंडफॉल शुरू, तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश, कई उड़ानें रद्द, स्कूल बंद; जानें हर अपडेट
आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय इलाके में चक्रवाती तूफान मुरसु का लैंडफॉल शुरू हो गया है। यहां चिराला, ओंगोले और पुडुचेरी में भारी बारिश हो रही है। इसके साथ ही तेज हवा की वजह से कई पेड़ उखड़ गए हैं। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा में कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जबकि तटीय इलाकों में स्कूल बंद किए गए हैं।

आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय इलाके ओंगोल के पास चक्रवाती तूफान मुरसु का लैंडफॉल जारी है। मुरसु के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के चिराला इलाके में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। यहां 100-120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चल रही है। तेज हवा की वजह से कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए हैं। मौसम विभाग लगातार तूफान के लैंडफॉल पर नजर बनाए हुए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा में समेत 5 राज्यों में हाई अलर्ट है। अब तक 19 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। इस आपदा से निपटने के लिए 5 राज्यों में 37 NDRF की टीमें तैनात की गई हैं। साथ ही तटीय इलाकों में स्कूलों को भी बंद कर दिया गया है। वहीं तूफान के तट से टकराने के बाद पुडुचेरी में भी जबरदस्त बारिश हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक तूफान के पूरी तरह से तटीय इलाकों को पार कर लेने के बाद ही बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होगी।
Live updates : Cyclone Murasu LIVE
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November 03, 2026 9:56 AM (IST) Posted by Amar Deep
दोपहर तक और तेज होगा मुरसु
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने X पर एक पोस्ट में कहा, "गंभीर चक्रवाती तूफान 'मुरसु' पिछले 6 घंटों के दौरान 08 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा। दोपहर तक इस चक्रवाती तूफान के हवा की गति 80-90 किमी प्रति घंटा, झोंकों के साथ 100 किमी प्रति घंटा तक बदलने की संभावना है। इसके बाद, आज 3 नवंबर 2026 की मध्यरात्रि तक यह और कमजोर होकर एक 'डीप डिप्रेशन' (हवा की गति 55-65 किमी प्रति घंटा, झोंकों के साथ 75 किमी प्रति घंटा तक) में बदल सकता है। मछलीपट्टनम और विशाखापत्तनम में लगे डॉप्लर वेदर रडार के जरिए इस पर लगातार नजर रखी जा रही है।"
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November 03, 2026 9:34 AM (IST) Posted by Amar Deep
कई जगहों पर भारी बारिश की उम्मीद
राज्य IMD की निदेशक के. नागरात्ना ने कहा, "बारिश के असर की बात करें तो, आज तटीय आंध्र प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, और मध्य तटीय आंध्र प्रदेश में एक-दो जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की उम्मीद है। 3 नवंबर की सुबह तक, सामान्य ज्वार-भाटा के स्तर से लगभग 1 से 1.5 मीटर ऊंची समुद्री लहरें (स्टॉर्म सर्ज) दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में पानी भर सकती हैं। कृष्णा और प्रकाशम जिलों के बीच बापटला क्षेत्र में सबसे ऊंची लहरें उठने की आशंका है, जिसके बाद इनके धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है।"
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November 03, 2026 9:10 AM (IST) Posted by Amar Deep
मुरसु ने आंध्र प्रदेश के तट को पार किया
आज सुबह 03:30 से 05:30 बजे (IST) के बीच, भीषण चक्रवाती तूफान 'मुरसु' ने ओंगोल के पास, नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार किया। इस दौरान हवा की गति 100-110 किमी प्रति घंटा थी, जो झोंकों के साथ 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई। मरीना बीच के दृश्यों में मछुआरों को समुद्र में जाते हुए देखा जा सकता है।
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November 03, 2026 8:51 AM (IST) Posted by Amar Deep
कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी
राज्य IMD की निदेशक के. नागरात्ना ने कहा, "फिलहाल, भीषण चक्रवाती तूफान 'मुरसु' 15.45 डिग्री अक्षांश और 80.25 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित है। यह ओंगोल से लगभग 20 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, बापटला से 60 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम, कवाली से 70 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पूर्व और नेल्लोर से लगभग 100 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पूर्व में है। ओंगोल के पास लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो अगले 1 से 2 घंटों तक जारी रहने की संभावना है। इस तूफान के साथ चलने वाली हवाओं की गति फिलहाल 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो कभी-कभी 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच रही है। इस भीषण चक्रवाती तूफान के कारण तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। कृष्णा, गुंटूर, बापटला, पलनाडु, NTR और प्रकाशम जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है। मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे आज से लेकर 4 नवंबर की सुबह तक समुद्र में न जाएं। IMD की चेतावनियों के आधार पर स्थिति की समीक्षा होने तक, समुद्र में और तट के पास होने वाली सभी गतिविधियों को पूरी तरह से रोक दिया गया है। जब तक चक्रवाती तूफान कमजोर नहीं हो जाता, तब तक IMD के अपडेट और सलाह का पालन करना ही बेहतर होगा।"
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November 03, 2026 8:26 AM (IST) Posted by Amar Deep
120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाएं
चक्रवात 'मुरसु' का तट से टकराना शुरू हो गया है। आंध्र प्रदेश के तट पर भारी बारिश और 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि मंगलवार तड़के प्रकाशम जिले के ओंगोल के पास भीषण चक्रवाती तूफान 'मुरसु' का तट से टकराने का सिलसिला शुरू हो गया।
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November 03, 2026 8:15 AM (IST) Posted by Malaika Imam
चक्रवात 'मुरसु' के चलते आंध्र के कई हिस्से में बारिश
आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'मुरसु' के असर से शहर के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। सोमवार देर रात से लगातार हो रही बारिश के कारण आने-जाने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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November 03, 2026 8:14 AM (IST) Posted by Malaika Imam
कोथापटनम बीच इलाके में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश जारी
आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'मुरसु' के असर के चलते प्रकाशम जिले के कोथापटनम बीच इलाके में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश जारी है।
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November 03, 2026 7:33 AM (IST) Posted by Amar Deep
निचले इलाकों में भर सकता है पानी: IMD
मौसम विभाग ने कहा, "तूफान के लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी है। इस दौरान हवा की गति 100-110 किमी प्रति घंटा रहेगी, जो झोंकों के साथ 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। अगले 12 घंटों के दौरान दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, सामान्य ज्वार-भाटे के स्तर से लगभग 1.0-1.5 मीटर ऊंची समुद्री लहरें (स्टॉर्म सर्ज) उठ सकती हैं, जिससे इस क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी भर सकता है।"
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November 03, 2026 7:26 AM (IST) Posted by Amar Deep
आंध्र प्रदेश में प्रवेश कर रहा चक्रवाती तूफान
3 नवंबर 2026 को 0230 बजे, 'मुरसु' नामक भीषण चक्रवाती तूफान, ओंगोल से लगभग 30 किमी दक्षिण-पूर्व में, दक्षिण आंध्र प्रदेश तट के पास, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में केंद्रित था। तूफान के तट से टकराने (लैंडफॉल) की प्रक्रिया जारी है, और इसका भीतरी हिस्सा दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में प्रवेश कर रहा है। अगले तीन घंटों के दौरान, इस तूफान के उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच, एक भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की प्रबल संभावना है। इस दौरान हवा की गति 100-110 किमी प्रति घंटा रहेगी, जो झोंकों के साथ 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। IMD के अनुसार, चेन्नई और मछलीपट्टनम में लगे डॉप्लर वेदर रडार के जरिए इस चक्रवात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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November 03, 2026 7:21 AM (IST) Posted by Amar Deep
तेज हवाओं के साथ भारी बारिश जारी
ओंगोल में चक्रवात 'मुरसु' के असर के चलते तटीय इलाके में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है।
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November 03, 2026 7:13 AM (IST) Posted by Amar Deep
उत्तरी तमिलनाडु और पुडुचेरी में लगातार बारिश
चक्रवात 'मुरासु' के असर से पुडुचेरी में आधी रात से लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। चक्रवात का असर फिलहाल उत्तरी तमिलनाडु और पुडुचेरी पर पड़ रहा है। IMD ने अनुमान जताया है कि यह चक्रवात और अधिक तीव्र होकर एक 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान' का रूप ले लेगा।
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November 03, 2026 7:04 AM (IST) Posted by Amar Deep
ओंगोल के कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए निर्देश
ओंगोल के कलेक्टर पी. राजाबाबू ने चक्रवात 'मुरसु' से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए कलेक्ट्रेट स्थित कमांड कंट्रोल रूम का आधी रात को औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गिरे हुए पेड़ों को तुरंत हटाया जाए, यातायात बहाल किया जाए और क्षतिग्रस्त बिजली ढांचे की तत्काल मरम्मत की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कोथापटनम में जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने को भी कहा और लोगों से अपील की कि वे चक्रवात के दौरान सतर्क रहें और सावधानी बरतें।
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November 03, 2026 6:56 AM (IST) Posted by Amar Deep
प्रकाशम जिले में मुरसु को लेकर तैयारी पूरी
चक्रवात 'मुरसु' को देखते हुए पुलिस की तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों पर, प्रकाशम जिले के SP हर्षवर्धन राजू ने कहा, "पुलिस के नजरिए से, हम रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हमारे पास प्रकाशम जिले में NDRF की 3 टीमें और SDRF की 1 टीम तैनात है। हमने सबसे ज्यादा प्रभावित गांवों में कम्युनिकेशन नेटवर्क भी स्थापित किए हैं। लोगों को सुरक्षित निकालने और उन्हें शेल्टर होम तक पहुंचाने के लिए हम जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हम हाईवे पर ट्रैफिक को लेकर भी बहुत सतर्क हैं। भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए, हम हाईवे पर कुछ 'होल्डिंग एरिया' बनाने की योजना बना रहे हैं। हमने सड़कों को साफ करने और ट्रैफिक को बहाल रखने के लिए कुछ पोकलेन मशीनें और JCB तैनात की हैं, ताकि आम जनता को कम से कम परेशानी हो। हम तैयारियों से जुड़े हर पहलू का ध्यान रख रहे हैं। कलेक्ट्रेट में हमारा एक 'कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' है, जहां हमारी टीम मौजूद है। इसके अलावा, पुलिस मुख्यालय में भी हमारा एक अलग कंट्रोल रूम है, जहां 24/7 अधिकारी तैनात रहते हैं।"