360 गवाह, 422 दस्तावेज और 43 सबूतों के साथ CBI ने NEET पेपर लीक पर दाखिल की चार्जशीट, आज कोर्ट में सुनवाई
सीबीआई ने NEET पेपर लीक केस पर 12 मई 2026 को FIR दर्ज कर तत्काल कार्रवाई शुरू की थी। वहीं, अब सीबीआई ने इस मामले की चार्जशीट 13 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दाखिल कर दी है।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, सबूत नष्ट करने समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार तथा सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
13 आरोपी न्यायिक हिरासत में
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 फिजिकल सबूतों (Material Objects) का उल्लेख किया है। चार्जशीट में नामजद सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में बुधवार को सुनवाई है। फास्ट ट्रेक कोर्ट में सुनवाई के लिए पीएम मोदी ने हाल ही में बयान दिया था।
3 मई 2026 को हुई थी ये परीक्षा
गौरतलब है कि भारत सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने 12 मई 2026 को NEET-UG 2026 परीक्षा में अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक के आरोपों को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। यह परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी।
12 मई को हुई एफआईआर
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने 12 मई 2026 को एफआईआर दर्ज कर तत्काल कार्रवाई शुरू की। जांच के लिए 72 अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ 8 साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की कई टीमें गठित की गईं।
92 स्थानों पर की गई थी छापेमारी
महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों में 92 स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां से डिजिटल और संचार उपकरण, दस्तावेज सहित कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। इन सभी की फॉरेंसिक इमेजिंग और विश्लेषण कराया गया।
सीबीआई ने एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही हफ्ते के भीतर प्रश्नपत्र लीक के स्रोत का पता लगा लिया। जांच में पेपर लीक के स्रोत से लेकर लाभ पाने वाले अभ्यर्थियों तक की पूरी श्रृंखला (Chain) का खुलासा किया गया।
NTA के 3 विशेषज्ञ भी गिरफ्तार
इस मामले में पहली गिरफ्तारी 13 मई 2026 को हुई थी। अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और भौतिकी विषय के 3 विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
कोचिंग संस्थानों से जुड़े 2 लोगों को भी किया गया गिरफ्तार
जांच में यह भी सामने आया कि कई बिचौलियों ने लीक प्रश्नपत्र हासिल कर उन्हें आगे वितरित किया। ऐसे कई बिचौलियों को भी गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा कोचिंग संस्थानों से जुड़े दो व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने इन विशेषज्ञों से लीक प्रश्नपत्र प्राप्त किए थे।
गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों के नाम
- मनीषा मंधारे - एनटीए जीवविज्ञान विशेषज्ञ
- प्रल्हाद विट्ठलराव कुलकर्णी - एनटीए रसायन विज्ञान विशेषज्ञ
- मनीषा संजय हवलदार - एनटीए भौतिकी विशेषज्ञ
- मनीषा संजय वाघमारे - मिडिलपर्सन
- धनंजय निवृत्ति लोखंडे - बिचौलिया
- शुभम् मधुकर खैरनार - बिचौलिया
- यश यादव - बिचौलिया
- मांगीलाल बिवाल - बिचौलिया
- विकाश बिवाल - बिचौलिया
- दिनेश बिवाल - बिचौलिया
- डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे - बिचौलिया
- शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर - आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट, लातूर के मालिक
- तेजस हर्षदकुमार शाह- एपीएमए कोचिंग इंस्टीट्यूट, पुणे में भौतिकी संकाय और सीओओ
कई बैंक खाते, बैंक लॉकर और एक डीमैट खाता भी फ्रीज
सीबीआई ने मामले में मनी ट्रेल की भी जांच की और आरोपियों के कई बैंक खाते, बैंक लॉकर और एक डीमैट खाता फ्रीज कर दिया। जांच के दौरान डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट, हस्तलेखन विशेषज्ञों की राय और अकादमिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट भी हासिल की गई। इन रिपोर्टों से पुष्टि हुई कि आरोपियों ने परीक्षा की तारीख से पहले ही लीक प्रश्नों का प्रसार किया था।
सीबीआई ने कहा है कि मामले की आगे की जांच और फॉरेंसिक विश्लेषण जारी है तथा एजेंसी यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इस तरह के अपराधों में शामिल सभी दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा मिले।
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