नई दिल्ली: उत्तर भारत में हाल के दिनों में बारिश और आंधी-तूफान के बाद अब आसमान साफ है और पारा भी बढ़ने लगा हैं। लेकिन आंधी बारिश और तूफान से यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिकने वाली है। 11 मई से एक बार फिर मौसम बदलने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते आंधी बारिश का दौर शुरू हो जाएगा।
छंटते बादल फिर छाएंगे
फिलहाल आसमान साफ है। सैटेलाइट तस्वीरों में बादलों को छंटते हुए देखा जा रहा है जिससे फिलहाल बारिश की गतिविधियों में कमी आई है। मौसम विभाग के मुताबिक मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ चुका है और पूर्व की ओर बढ़ गया है। इसके चलते उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क बना रह सकता है। हालांकि इस दौरान पश्चिमी राजस्थान में गर्मी तेजी से बढ़ने के आसार हैं और तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में तापमान 2 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है और पश्चिमी इलाकों में हीटवेव की स्थिति बन सकती है।
11 से 13 मई के बीच नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा
लेकिन यह राहत ज्यादा लंबी नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 11 से 13 मई के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जो एक बार फिर उत्तर भारत के मौसम को बदल सकता है। इस दौरान जम्मू-कश्मीर और हिमालयी क्षेत्रों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इस नए सिस्टम के असर से तापमान में गिरावट भी देखने को मिल सकती है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। वहीं, पूर्वोत्तर भारत में अगले 24 घंटों के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।
शर्मा ने बताया कि अगले कुछ दिनों में राजस्थान के ज़्यादातर हिस्सों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। पश्चिमी राजस्थान में एक नई लू चलने की संभावना है, हालांकि राज्य के पूर्वी हिस्सों में तापमान कम से कम तीन से चार दिनों तक सामान्य से नीचे रहने की उम्मीद है। इस बीच, अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि इस क्षेत्र में नमी से भरी हवाएं तेज़ हो रही हैं।
पश्चिमी विक्षोभ क्या है?
बता दें कि पश्चिमी विक्षोभ ऐसी मौसम प्रणालियां हैं जो भूमध्यसागरीय क्षेत्र से शुरू होती हैं और पूरब की ओर बढ़ती हैं। येर अक्सर उत्तरी भारत में सर्दियों और मॉनसून से पहले की बारिश लाती हैं। गर्मियों के दौरान ये अचानक तूफ़ान, तेज़ हवाएं और ओलावृष्टि ला सकते हैं, जिससे अक्सर बढ़ता हुआ तापमान कुछ समय के लिए कम हो जाता है। आने वाला सप्ताह देश के अलग-अलग हिस्सों में बदलते मौसम का संकेत दे रहा है। जहां एक ओर पश्चिमी भारत में भीषण गर्मी पड़ेगी, वहीं उत्तर भारत में फिर से आंधी-बारिश लौट सकती है।
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