1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. परिवार की लड़की ने दूसरी जाति के लड़के से किया लव मैरेज, समाज ने किया बहिष्कार, 40 परिजनों ने कराया मुंडन

परिवार की लड़की ने दूसरी जाति के लड़के से किया लव मैरेज, समाज ने किया बहिष्कार, 40 परिजनों ने कराया मुंडन

ओडिशा के एक गांव के लोगों ने एक लड़की के परिवार का बहिष्कार केवल इसलिए कर दिया क्योंकि लड़की ने दूसरे समुदाय के लड़के से शादी कर ली। इसके परिणामस्वरूप लड़की के परिजनों ने मुंडन संस्कार और शुद्धिकरण कराया, ताकि उन्हें समाज में वापस स्वीकार किया जा सके।

odisha girl love marriage with a boy of another caste society boycotted her family 40 relatives got - India TV Hindi
Image Source : INDIA TV एक ही परिवार के 40 लोगों ने कराया मुंडन संस्कार

ओडिशा के एक गांव से चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। दरअसल यहां रायगढ़ा जिले के काशीपुर ब्लॉक के गोरोखपुर पंचायत के बैगनगुड़ा गांव में एक प्रेम विवाह को लेकर जात पात की ओछी मानसिकता सामने आई है। इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया है। दरअसल यहां इस गांव की एक अनुसूचित जनजाति समुदाय की युवती ने एक दूसरे गांव के अनुसूचित जाति वर्ग के युवक से प्रेम विवाह कर लिया। इस कारण युवती का परिवार और उसके गांव के लोग उससे नाराज हो गए। गांव वालों ने इसे जाति का उल्लंघन मानते हुए कथित तौर पर युवती के परिवार पर दबाव डाला कि अगर उन्हें गांव में रहना है तो उन्हें शुद्धिकरण की प्रक्रिया से गुजरना होगा।

प्रेम विवाह की परिवार को मिली सजा

जानकारी के अनुसार गांव के लोगों ने युवती के परिवार पर दबाव डाला कि अगर वे जाति में वापस लौटना चाहते हैं तो उन्हें एक जानवर की बलि देनी होगी और फिर मुंडन संस्कार करवाना होगा। इसके बाद ही उन्हें समाज में दोबारा स्थान मिलेगा। समाज के दबाव में आकर परिवार के 40 सदस्यों ने मुंडन संस्कार करा लिया। इस घटना की खबर मिलते ही काशीपुर के बीडीओ विजय सोय ने ब्लॉक अधिकारी को गांव जाकर जांच करने का निर्देश दिया है। अब जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी और अधिकारियों ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी की जाएगी।

ब्लॉक अधिकारी कर रहे जांच

बता दें कि इस तरह की घटनाएं यह दिखाती हैं कि आज भी हमारे समाज में जातिवाद और कुरीतियां गहराई तक जड़े जमाए हुए हैं। प्रेम विवाह जैसे निजी फैसले को भी सामाजिक अपराध मानकर इस तरह की शुद्धि प्रक्रिया को अपनाना ना सिर्फ असंवैधानिक है, बल्कि मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन भी करता है। बता दें कि हमारे पास इस घटना से जुड़ा वीडियो भी, जिसमें कई लोगों को मुंडन संस्कार करते हुए देखा भी जा सकता है। बता दें कि अब इस मामले की जांच की जा रही है।

(रिपोर्ट- शुभम कुमार)

Latest India News