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बेटी को 10वीं का एग्जाम दिलाने के लिए हत्या के दोषी पिता को HC ने दी बेल, 16 साल पुराने केस में था बंद

Odisha News: ओडिशा High Court ने उस शख्स को बेल दे दी है जिसकी बेटी का 10वीं का एग्जाम है और उसको परीक्षा केंद्र तक ले जाने वाला कोई नहीं है। जानें ये पूरा मामला क्या है।

odisha High Court interim bail- India TV Hindi
Image Source : PEXELS (प्रतीकात्मक फोटो) ओडिशा में बेटी की 10वीं की परीक्षा दिलाने के लिए दोषी को बेल मिली है।

Bail For Daughter's Exam: ओडिशा हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा काट रहे एक दोषी को अंतरिम जमानत इसलिए दे दी, क्योंकि उसे अपनी नाबालिग बेटी को हाई स्कूल की परीक्षा दिलाने के लिए एग्जाम सेंटर पर लाना और ले जाना है। जस्टिस मानस रंजन पाठक और जस्टिस सिबो शंकर मिश्रा की बेंच ने यह ऑर्डर उस अंतरिम आवेदन पर सुनवाई के दौरान जारी किया, जो साल 2010 के मर्डर केस में दोषी ठहराए गए कैदी की तरफ से दाखिल किया गया था।

बेटी को एग्जाम दिलाने ले जाने के खातिर मांगी बेल

टाइम्स ऑफ इंडिया छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह केस जगदसिंहपुर थाने का था। दोषी, जो करीब 40 साल का है, वर्तमान में जगतसिंहपुर की जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। उसने अस्थायी रिहाई की डिमांड करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि उसकी 16 साल की बेटी 19 फरवरी से 2 मार्च तक हाईस्कूल की परीक्षा दे रही है।

बुजुर्ग दादा-दादी के साथ रहती है नाबालिग छात्रा

दरअसल, उसकी बेटी अपने पैतृक गांव में अपने बुजुर्ग दादा-दादी के साथ रहती है। वह इतने बूढ़े हैं कि रोजाना छात्रा को परीक्षा केंद्र तक नहीं ले जा सकते, इसलिए उसे अपनी बेटी को सुरक्षित एग्जाम सेंटर पर ले जाने के लिए अंतरिम बेल चाहिए थी।

घर से करीब 5 किलोमीटर दूर है एग्जाम सेंटर

हाईकोर्ट की तरफ से 18 फरवरी को दिए गए निर्देश पर जगतसिंहपुर पुलिस स्टेशन ने स्थानीय जांच करके 20 फरवरी को रिपोर्ट पेश की। इसमें पुष्टि हुई कि कैदी की बेटी का परीक्षा केंद्र उसके गांव से करीब 5 किलोमीटर दूर है। पुलिस ने बच्ची के एडमिट कार्ड की सत्यता की भी जांच की। वर्तमान केस के अलावा, दोषी के खिलाफ कोई अन्य प्रतिकूल आपराधिक इतिहास दर्ज नहीं है।

दोषी को 10 मार्च तक मिली अंतरिम बेल

पुलिस की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट बेंच ने माना कि हालात अंतरिम बेल देने योग्य हैं। हाईकोर्ट ने जगतसिंहपुर के सेशन जज को निर्देश दिया कि दोषी को रिहाई की तारीख से 10 मार्च तक अंतरिम बेल पर रिहा किया जाए।

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