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भगवान जगन्नाथ के चित्र वाले पायदान की बिक्री पर हंगामा, मंदिर प्रशासन ने ई-कॉमर्स पोर्टल पर केस दर्ज कराया

भगवान जगन्नाथ के चित्र वाले पायदान की बिक्री पर ओडिशा में हंगामा मचा हुआ है। मंदिर प्रशासन ने ई-कॉमर्स पोर्टल के खिलाफ साइबर थाने में केस दर्ज कराया है।

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Image Source : ANI सांकेतिक फोटो।

चीनी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ‘अलीएक्सप्रेस’ द्वारा भगवान जगन्नाथ के चित्र वाले पायदान बेचने का मामला सामने आने के बाद ओडिशा में हंगामा खड़ा हो गया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने गुरुवार को पुरी के साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। मंदिर प्रशासन ने कहा है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के इस कृत्य से दुनिया भर के हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

ओडिशा के डिप्टी CM ने की निंदा

ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने भी भगवान जगन्नाथ के चित्र को पायदान पर छापने और इसे बेचने को आपत्तिजनक बताया और इसकी आलोचना की है। प्रवती परिदा ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म माफी मांगने की मांग की है। डिप्टी सीएम प्रवती परिदा ने कहा- "महाप्रभु जगन्नाथ प्रत्येक ओडिया की आत्मा और भावनाओं से गहराई से जुड़े हैं। मैं चीनी ई-कॉमर्स मंच ‘अलीएक्सप्रेस’ द्वारा महाप्रभु जगन्नाथ की छवि वाले पायदान बेचने की कड़ी निंदा करती हूं। कंपनी को तुरंत इसकी बिक्री को रोकना चाहिए और इस आपत्तिजनक कृत्य के लिए भक्तों से माफी मांगनी चाहिए।"

शिकायत में क्या कहा गया?

पुरी के साइबर थाने में दी गई शिकायत में कहा गया है कि "हिंदू लोग भगवान जगन्नाथ की पूजा करते हैं। यह भक्तों का अपमान है और दुनिया भर के हिंदुओं की सांस्कृतिक एवं धार्मिक भावनाओं पर गंभीर हमला है। लोग पायदान पर पैर रखते हैं और भगवान जगन्नाथ की छवि वाले पायदान से हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। दोषी के विरुद्ध कानून के मुताबिक, जरूरी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।"

कंपनी ने क्या सफाई दी?

ओडिशा की कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने भी X पर इस पूरी घटना की निंदा की थी। उन्होंने कहा- ‘‘अलीएक्सप्रेस पर भगवान जगन्नाथ की पवित्र छवि वाले पायदान बेचने के ईशनिंदापूर्ण कृत्य की कड़ी निंदा करती हूं। यह लाखों भक्तों का घोर अपमान है और सांस्कृतिक एवं धार्मिक भावनाओं पर गंभीर हमला है। इस उत्पाद को बिक्री से हटाने के लिए तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए और सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।’’ इस पोस्ट के जवाब में, अलीएक्सप्रेस ने कहा कि यह प्रोडक्ट हटा दिया गया है। (इनपुट: भाषा)

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