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PM Modi in Navy Swavlamban Program: पीएम मोदी बोले- राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे व्यापक हो गए हैं, जागरूक रहना जरूरी

PM Modi in Navy Swavlamban Program: प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि बहुत व्यापक है, इसलिए हर नागरिक को इसके लिए जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है।

PM Modi- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO PM Modi

Highlights

  • दुष्प्रचार के माध्यम से लगातार हमले हो रहे हैं: पीएम मोदी
  • 'हानि पहुंचाने वाली ताकतों की कोशिश को नाकाम करना है'
  • 'सामूहिक राष्ट्र चेतना ही सुरक्षा और समृद्धि का सशक्त आधार'

PM Modi in Navy Swavlamban Program: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के आत्मविश्वास और उसकी आत्मनिर्भरता को चुनौती देने वाली ताकतों के खिलाफ युद्ध तेज करने का आह्वान करते हुए सोमवार को कहा कि ऐसी हर कोशिश को नाकाम करना जरूरी है। राजधानी दिल्ली स्थित आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में नौसेना नवाचार और स्वदेशीकरण संगठन (एनआईआईओ) की ओर से आयोजित सेमिनार 'स्वावलंबन' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे भारत वैश्विक मंच पर खुद को स्थापित कर रहा है, वैसे-वैसे दुष्प्रचार के माध्यम से लगातार हमले हो रहे हैं। 

राष्ट्र की रक्षा अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं है: PM

उन्होंने कहा, "खुद पर भरोसा रखते हुए भारत के हितों को हानि पहुंचाने वाली ताकतें चाहे देश में हों या फिर विदेश में, उनकी हर कोशिश को नाकाम करना है।" उन्होंने कहा, "देश की रक्षा के लिए हमें एक और अहम पक्ष पर ध्यान देना चाहिए। हमें भारत के आत्मविश्वास को, हमारी आत्मनिर्भरता को चुनौती देने वाले ताकतों के विरुद्ध युद्ध तेज करना है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि बहुत व्यापक है, इसलिए हर नागरिक को इसके लिए जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है। 

 राष्ट्र रक्षा के लिए भी 'होल ऑफ द नेशन अप्रोच' समय की मांग- PM

उन्होंने कहा, "जैसे आत्मनिर्भर भारत के लिए 'होल ऑफ द गवर्नमेंट एप्रोच' के साथ आगे बढ़ रहे हैं वैसे ही राष्ट्र रक्षा के लिए भी 'होल ऑफ द नेशन अप्रोच' समय की मांग है। भारत के कोटि-कोटि जनों की की यही सामूहिक राष्ट्र चेतना ही सुरक्षा और समृद्धि का सशक्त आधार है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे भी व्यापक हो गए हैं और युद्ध के तौर-तरीके भी बदल रहे हैं। 

'पहले सिर्फ भूमि, समुद्र और आकाश तक ही रक्षा की कल्पना की जाती थी'

उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ भूमि, समुद्र और आकाश तक ही रक्षा की कल्पना की जाती थी, लेकिन अब इसका दायरा अंतरिक्ष, साइबर स्पेस और आर्थिक व सामाजिक स्पेस की तरफ बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 8 वर्षों में केंद्र की सरकार ने सिर्फ रक्षा का बजट ही नहीं बढ़ाया है, बल्कि ये बजट देश में ही रक्षा निर्माण इकोसिस्टम के विकास में भी काम आए, यह भी सुनिश्चित किया है। 

'चार-पांच सालों में हमारा रक्षा आयात लगभग 21 प्रतिशत कम हुआ है' 

उन्होंने कहा कि रक्षा उपकरणों की खरीद के लिए तय बजट का बहुत बड़ा हिस्सा आज भारतीय कंपनियों से खरीद में ही लग रहा है। उन्होंने कहा, "बीते चार-पांच सालों में हमारा रक्षा आयात लगभग 21 प्रतिशत कम हुआ है। आज हम सबसे बड़े रक्षा आयातक के बजाय एक बड़े निर्यातक की तरफ तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए भारतीय उद्योग और शिक्षा जगत को जोड़ना है।

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