PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि देश नारी शक्ति का सही उपयोग कर 2047 की आकांक्षाओं के अनुरूप अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकता है। प्रधानमंत्री ने राज्यों के श्रम मंत्रियों और सचिवों के दो दिन के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को वीडियो कॉफ्रेन्स के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमें सोचना होगा कि हम अपने महिला वर्कफोर्स के लिये खासकर उभरते क्षेत्रों में और क्या कर सकते हैं। हम काम के लचीले घंटों को अपनाकर नारी शक्ति का अच्छा उपयोग कर सकते हैं। यह भविष्य की आवश्यकता है।’’
"पहली तीन औद्योगिक क्रांतियों में पीछे रहा देश"
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश पहली तीन औद्योगिक क्रांतियों का लाभ उठाने में पीछे रह गया। मौजूदा चौथी औद्योगिक क्रांति का लाभ उठाने के लिये हमें त्वरित निर्णय लेने और इसे तेजी से लागू करने की भी जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘दुनिया तेजी से बदल रही है। इसका लाभ लेने के लिये हमें भी उसी गति से तैयार होना होगा।’’ ऑनलाइन सेवाओं में वृद्धि का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘देश सही नीतियों और प्रयासों से इस क्षेत्र में वैश्विक अगुवा बना है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान छोटे और मझोले उद्योगों के लिये आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) से 1.5 करोड़ नौकरियां बचाने में मदद मिली। उन्होंने कहा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) भी कामगारों की मदद के लिये आगे आया और महामारी के दौरान कर्मचारियों को हजारों करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया। मोदी ने कहा, ‘‘महामारी के दौरान पूरा देश श्रमिकों के साथ खड़ा था।’’
"केंद्र की ये योजनाएं बनीं श्रमिकों की सुरक्षा कवच"
पीएम ने कहा कि अमृतकाल में विकसित भारत के निर्माण के लिए हमारे जो सपने हैं, जो आकांक्षाएं हैं, उन्हें साकार करने में भारत की श्रम शक्ति की बहुत बड़ी भूमिका है। इसी सोच के साथ देश संगठित और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों श्रमिक साथियों के लिए निरंतर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, जैसे अनेक प्रयासों ने श्रमिकों को एक तरह का सुरक्षा कवच दिया है।
"देश को महामारी से उबरने में श्रमिकों ने भी पूरी शक्ति लगा दी"
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के श्रम मंत्रियों के राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा, "हम देख रहे हैं कि जैसे जरूरत के समय देश ने अपने श्रमिकों का साथ दिया, वैसे ही इस महामारी से उबरने में श्रमिकों ने भी पूरी शक्ति लगा दी है। आज भारत फिर से दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ कर रही अर्थव्यवस्था बना है, तो इसका बहुत बड़ा श्रेय हमारे श्रमिकों को ही जाता है। विकसित भारत के निर्माण के सपने को साकार करने में भारत की श्रम शक्ति की बहुत बड़ी भूमिका है। देश संगठित और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों श्रमिक साथियों के लिए निरंतर काम कर रहा है।"
वर्क फ्रॉम होम इकोसिस्टम और नारी शक्ति पर बोले पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि बीते आठ सालों में हमने देश में गुलामी के दौर के, और गुलामी की मानसिकता वाले क़ानूनों को खत्म करने का बीड़ा उठाया है। देश अब ऐसे लेबर क़ानूनों को बदल रहा है, रीफॉर्म कर रहा है, उन्हें सरल बना रहा है। इसी सोच से, 29 लेबर क़ानूनों को 4 सरल लेबर कोड्स में बदला गया है। पीएम ने कहा देश का श्रम मंत्रालय अमृतकाल में साल 2047 के लिए अपना विज़न भी तैयार कर रहा है। भविष्य की जरूरत है फ्लेक्सिबल वर्क प्लेस और वर्क फ्रॉम होम इकोसिस्टम। उन्होंने कहा हम फ्लेक्सिबल वर्क प्लेस जैसी व्यवस्थाओं को महिला श्रमशक्ति की भागीदारी के लिए अवसर के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। पीएम ने कहा कि इस 15 अगस्त को लाल किले से मैंने देश की नारीशक्ति की संपूर्ण भागीदारी का आह्वान किया है।
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