पीएम नरेंद्र मोदी मलेशिया के लिए रवाना, जानिए क्यों खास है यह दौरा?
मलेशिया के साथ रक्षा एवं सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने और आपसी सहयोग बढ़ाने की दिशा में पीएम मोदी का यह दौरा काफी अहम है। प्रधानमंत्री बनने के बाद से मलेशिया का यह उनका तीसरा दौरा है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मलेशिया के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए। मलेशिया रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि भारत मलेशिया के साथ रक्षा एवं सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने तथा आर्थिक और नवोन्मेष के क्षेत्र में साझेदारी को बढ़ाने पर विचार कर रहा है।
पीएम मोदी ने कहा, ''भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों में हाल के वर्षों में निरंतर प्रगति हुई है।'' उन्होंने कहा, ''मैं प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अपनी चर्चाओं और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर उत्साहित हूं।'' उन्होंने कहा, ''हमारा लक्ष्य अपने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करना, अपनी आर्थिक और नवाचार साझेदारी को बढ़ाना तथा नए क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करना है।''
क्यों खास है यह दौरा?
पीएम मोदी के इस दौरे का मकसद व्यापार, निवेश, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।प्रधानमंत्री मोदी की यह मलेशिया की तीसरी यात्रा है। अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदले जाने के बाद यह उनकी पहली यात्रा है।
पीएम मोदी इस दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वे भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान 10वां भारत-मलेशिया सीईओ मंच भी आयोजित होगा।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक, सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित पुराने संबंध हैं। 'मलेशिया में 29 लाख भारतीय समुदाय की मौजूदगी से यह रिश्ता और मजबूत होता है, जो दुनिया में भारतीय समुदाय की तीसरी सबसे बड़ी मौजदूगी है।
मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त ने क्या बताया?
मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त बी.एन. रेड्डी ने समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए इस रणनीतिक साझेदारी के भविष्य पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत के 'महासागर' विजन और व्यापक इंडो-पैसिफिक विजन के तहत दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। आने वाले समय में 2024 में शुरू की गई पहलों को लागू करने और सहयोग के नए आयाम जोड़ने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। भारत और मलेशिया के इतिहास में पहली बार दोनों देशों ने 'सुरक्षा संवाद' शुरू किया है। यह संवाद जो रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
वहीं मलेशिया डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भी भारत के साथ जुड़ने के लिए बेहद इच्छा रखता है है। रेड्डी ने बताया कि डिजिटल टेक्नोलॉजी पर हुए MoUके बाद 'मलेशिया-भारत डिजिटल काउंसिल' की स्थापना की गई है, जो इस क्षेत्र में क्रांति लाएगी।