धर्मान्तरण में भी AI का इस्तेमाल, आयुष मलिक मामले में पुलिस ने किया खुलासा
इन दिनों एआई की मदद से अफवाहें फैलाना आसान हो गया है। एआई का इस्तेमाल अब धर्मान्तरण में भी होने लगा है। शामली के आयुष मलिक मामले में भी ऐसा ही हुआ है।

आज टेक्नोलॉजी के गलत इस्लेमाल की हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, महाराष्ट्र के एक मौलाना ने धर्मान्तरण को बढ़ावा देने के लिए AI वीडियो का सहारा लिया। कुछ दिन पहले शामली में एक व्यापारी के इकलौते बेटे आयुष के जबरन धर्मान्तरण की खबर आई थी। इस मामले में तीन लोगों को जेल भेजा चुका है। लेकिन सोशल मीडिया पर आयुष मलिक का एक वीडियो खूब सर्कुलेट हुआ। इस वीडियो में आयुष मलिक अपना नाम मोहम्मद अली बता रहा है। आयुष ये कहता हुआ दिख रहा है कि उसने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल किया है, उस पर किसी ने प्रेशर नहीं डाला, उसे परेशान न किया जाए, वो किसी कीमत पर इस्लाम को नहीं छोड़ेगा।
आयुष की बहन का फर्जी वीडियो आया सामने
इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। 50 से ज्यादा सोशल मीडिया हैंडल्स से अलग-अलग तरह के ऐसे ही कई वीडियो सर्कुलेट किए गए। इसके बाद दूसरा वीडियो आया, जिसमें सबीना नाम की लड़की ने खुद को आयुष की बहन बताया। उसने कहा कि उसके भाई को बेवजह परेशान किया जा रहा है। धर्म मर्जी का मामला है, इसमें दखल नहीं दिया जाना चाहिए। उसने कहा कि जब कोई मुसलमान हिंदू बन जाता है तब क्यों मामला नहीं उछाला जाता है।
आयुष के पिता ने खुद की बेटी होने से किया इनकार
सबीना का ये वीडियो आयुष के पिता देवराज मलिक के पास पहुंचा तो वो हैरान रह गए क्योंकि उनकी तो एक ही बेटी है और उसकी शादी हो चुकी है। आयुष के पिता ने बताया कि उनकी बेटी नोएडा में रहती है। देवराज मलिक का बेटा आयुष भी अपनी बहन के साथ रह रहा है। सबीना का वीडियो देखने के बाद देवराज मलिक ने सोशल मीडिया पर अपना बयान जारी किया। उन्होंने लोगों को बताया कि जो लड़की आयुष की बहन होने का दावा कर रही है, उसका उनसे कोई लेना-देना नहीं है, वो उसे जानते तक नहीं है।
पुलिस जांच में फर्जी निकला वीडियो
वीडियो देखने के बाद देवराज मलिक पुलिस के पास पहुंचे और FIR दर्ज करवाई। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता लगा कि आयुष का जो वीडियो सर्कुलेट हो रहा है, वो AI जेनरेटेड है। ये वीडियो नासिक से पोस्ट किया गया था। शामली पुलिस ने नासिक पुलिस से संपर्क किया। जिस इंस्टाग्राम हैंडल से ये वीडियो पोस्ट किया गया था, उसकी डिटेल सामने आई तो पता चला कि एक जाने माने मौलाना ने ये वीडियो पोस्ट किया था। इसके बाद तमाम हैंडल्स से इस AI वीडियो को असली बताकर सर्कुलेट किया गया। इस मामले में 50 इंस्टाग्राम हैंडल्स पुलिस के रडार पर आ गए।
यूपी पुलिस की रडार पर कई आरोपी
यूपी पुलिस की एक टीम नासिक भेजी गई है। हालांकि मौलाना अब अपनी हरकत पर माफी मांग रहे हैं। लेकिन उनकी गिरफ्तारी तय है। इस मामले में पुलिस की रडार पर कुर्ला का SDPI नेता आसिफ खान भी है। आसिफ खान ने भी इसी तरह का फर्जी वीडियो सर्कुलेट किया था। अब पुलिस आयुष की बहन होने का दावा करने वाली सबीना को खोज रही है। पुलिस की सख्ती से डर कर सबीना ने तुरंत वीडियो जारी करके माफी मांगी। सबीना ने कहा कि वो आयुष की बहन नहीं है, न उसके परिवार को जानती है।
डीप फेक की पहचान करना मुश्किल
एआई जेनरेटेड डीप फेक वीडियोज इतनी चतुराई से बनाए जाते हैं कि आम आदमी के लिए असली-नकली की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। डीप फेक का इस्तेमाल फर्जी दवाएं बेचने, फेक कंपनियों में इंवेस्टमेंट प्रमोट करने के लिए, शादी कराने के लिए प्रयोग किया जाता रहा है। हालांकि धर्म परिवर्तन के लिए डीप फेक का इस्तेमाल पहली बार सामने आया है। डीप फेक में लोग इसलिए फंसते हैं, क्योंकि इसके बारे में उन्हें पूरी जानकारी नहीं होती।
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