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‘जय जगन्नाथ’ के जयकारों के साथ शुरू हुई पुरी की रथ यात्रा, भीड़ के चलते 500 से ज्यादा श्रद्धालु घायल

पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारों के बीच शुरू हुई। भारी भीड़ के कारण 500 से ज्यादा श्रद्धालु घायल हुए। गर्मी और उमस के चलते कई भक्त बेहोश हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

Puri Rath Yatra 2025, Jagannath Rath Yatra injuries- India TV Hindi
Image Source : PTI पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा धूमधाम से शुरू हुई।

पुरी: ओडिशा के पुरी में 27 जून 2025 को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का भव्य आयोजन शुरू हुआ। ‘जय जगन्नाथ’ और ‘हरि बोल’ के उद्घोष के बीच हजारों भक्तों ने भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र के रथों को श्री गुंडिचा मंदिर की ओर खींचा। इस दौरान भीड़ के कारण 500 से ज्यादा श्रद्धालु घायल हो गए। ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने बताया कि गर्मी और उमस के कारण कुछ भक्त बेहोश हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

रथ यात्रा की शुरुआत

पुरी के 12वीं सदी के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर से शुरू होने वाली यह यात्रा 2.6 किलोमीटर दूर श्री गुंडिचा मंदिर तक जाती है। शुक्रवार सुबह ‘पहांडी’ रस्म के बाद, जिसमें भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र की लकड़ी की मूर्तियों को मंदिर से रथों तक ले जाया गया, रथ खींचने की प्रक्रिया शुरू हुई। ‘पहांडी’ शब्द संस्कृत के ‘पदमुंडनम’ से आया है, जिसका मतलब है धीरे-धीरे पैर फैलाकर चलना।

रथ यात्रा में गूंज रही थीं शंख और तुरही की ध्वनियां

शुक्रवार सुबह ‘पहांडी’ रस्म के बाद, जिसमें भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र की लकड़ी की मूर्तियों को मंदिर से रथों तक ले जाया गया, रथ खींचने की प्रक्रिया शुरू हुई। ‘पहांडी’ शब्द संस्कृत के ‘पदमुंडनम’ से आया है, जिसका मतलब है धीरे-धीरे पैर फैलाकर चलना। शाम 4:08 बजे सबसे पहले भगवान बलभद्र का ‘तालध्वज’ रथ चला, फिर देवी सुभद्रा का ‘दर्पदलन’ रथ और अंत में भगवान जगन्नाथ का ‘नंदीघोष’ रथ रवाना हुआ। इस दौरान शंख, घंटे, झांझ और तुरही की ध्वनियां गूंज रही थीं। पुरी के राजा गजपति महाराजा दिव्यसिंह देब ने तीनों रथों पर ‘छेरापहंरा’ (रथों की सफाई) की रस्म पूरी की, जिसके बाद भक्तों ने रथ खींचना शुरू किया। प्रत्येक रथ पर अलग-अलग रंगों के लकड़ी के घोड़े लगाए गए थे।

रथ यात्रा में कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद

रथ यात्रा में ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गजेंद्र सिंह शेखावत, पुरी के सांसद संबित पात्रा और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने रथ खींचने में हिस्सा लिया। गोवर्धन पीठ के 81 वर्षीय शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती व्हीलचेयर पर रथों के दर्शन करने आए। उनके दर्शन इस उत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

अभी कैसी है घायलों की स्थिति

अधिकारियों का अनुमान है कि इस साल रथ यात्रा में करीब 10 लाख भक्त शामिल हुए। ज्यादा भीड़ के कारण 500 से ज्यादा लोग घायल हो गए। ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने बताया कि उमस और गर्मी के कारण कुछ भक्त बेहोश हो गए। बचाव दलों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुँचाया। मंदिर क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं, और ग्लूकोज व पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। मंत्री ने कहा कि घायलों को उचित इलाज दिया जा रहा है। बता दें कि रथ यात्रा के लिए पुरी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। ओडिशा पुलिस के महानिदेशक वाईबी खुरानिया ने बताया कि AI से लैस 275 से ज्यादा CCTV कैमरों से भीड़ पर नजर रखी जा रही थी। अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की खुफिया सूचनाओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और सख्त की गई थी।

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