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नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में शामिल हुए रजत शर्मा, संघर्ष और सफलता की बताई पूरी कहानी

इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा ने इस कार्यक्रम में अपनी जिंदगी के बारे में विस्तार से बताया। संघर्ष के दिनों को याद किया और फिर देश के लोकप्रिय टीवी शो 'आप की अदालत' की सफलता की कहानी भी सुनाई।

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Image Source : REPORTER INPUT नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में शामिल हुए रजत शर्मा

गांधी नगर: नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी में शनिवार को 'My Life: My story' कार्यक्रम में इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस दौरान रजत शर्मा को यूनिवर्सिटी की तरफ से सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में उन्होंने अपनी जिंदगी के बारे में विस्तार से बताया। संघर्ष के दिनों को याद किया और फिर देश के लोकप्रिय टीवी शो 'आप की अदालत' की सफलता की कहानी भी सुनाई। इस कार्यक्रम में 'आप की अदालत' का एक वीडियो भी प्ले किया गया।

शुरुआती संघर्ष के दिनों को किया याद

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो लाइफ टीवी पर दिखाई देती है वो अलग होती है, लेकिन असल लाइफ इतनी आनंदित नहीं होती। अपने जीवन के शुरुआती दिनों के संघर्ष को याद करते हुए उन्होंने कहा, 'जब मेरा जीवन शुरू हुआ था तो अभाव का जीवन था। दिल्ली के सब्जी मंडी इलाके में 10 बाई 10 के कमरे में परिवार के 10 लोग रहते थे। हम एक के ऊपर एक तखत लगाकर रहते थे और छत भी टपकती थी। आज की तरह के स्कूल नहीं थे। हम टाट पट्टी घर से लेकर स्कूल जाते थे। रात में लाइट नहीं होती थी तो पढ़ने के लिए पास के रेलवे स्टेशन चले जाते थे।

Image Source : Reporter Inputनेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में इंडिया टीवी के रजत शर्मा को सम्मानित किया गया

बाबू जी के सबक के बारे में बताया

उन्होंने रोजमर्रा की समस्याओं का भी जिक्र किया और कहा कि पानी लेने के लिए हम सारे भाई गली के नुक्कड़ पर जाते थे। घर में बिजली नहीं थी। घर के पास, पड़ोस के एक घर में टीवी था। उन दिनों दूरदर्शन पर फिल्म आती थी। शनिवार को आधी फिल्म देखी और रविवार को आधी फिल्म देखने पड़ोस के घर गया तो उन्होंने दरवाजा बंद कर लिया। मैं दुखी मन से वापस आया तो बाबू जी ने पूछा कि क्यों उदास हो? तब मैंने कहा कि आज भगत सिंह की फिल्म देखने गया था लेकिन उन्होंने गेट नहीं खोला। बाबू जी ने कहा कि किसी दूसरे के घर किसी तीसरे को देखने जाते हो... कुछ ऐसा करो कि लोग तुम्हें टीवी पर देखें। 

अरुण जेटली से कैसे हुई मुलाकात?

रजत शर्मा ने अपनी आगे की पढ़ाई का और पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात का भी जिक्र किया और कहा-मेरे नंबर अच्छे आए तो श्रीराम कॉलेज में एडमिशन मिला। वहां मैं खुल्ले पैसे लेकर एडमिशन लेने  गया तो अकाउंटेंट गुस्सा हो गया। जितने पैसे जमा करने थे उसमें 3 रुपये कम थे। तभी पीछे से एक अदमी ने मेरे कंधे पर हाथ रखा। वो अरुण जेटली थे। जबतक वो रहे तबतक मेरे कंधे पर उनका हाथ रहा। 

कोई भी चीज आसानी से नहीं मिलती

रजत शर्मा ने आगे कहा कि कोई भी चीज आसानी से नहीं मिलती। आपके जीवन में बाधाएं आएंगी, लेकिन आपको उसका मजबूती से सामना करना होगा। रजत शर्मा ने इस कार्यक्रम में टीवी के लोकप्रिय शो 'आप की अदालत' शुरू करने से पहले की पूरी कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि कैसे और किस तरह से इसकी प्लानिंग हुई और पहला शो कैसे शूट हुआ। उन्होंने 'आप की अदालत' की पूरी यात्रा के बारे में विस्तार से बताया। 

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