कामजोंग: मणिपुर के कामजोंग जिले में संदिग्ध उग्रवादियों ने उत्पात मचाया है। यहां उग्रवादियों ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी और 4 अन्य लोगों को घायल कर दिया है। खुद पुलिस ने ये जानकारी दी है।
हाल ही में इंफाल में गिरफ्तार हुआ था उग्रवादी
मणिपुर में उग्रवादी एक्टिव नजर आ रहे हैं क्योंकि आज ही ये खबर भी सामने आई थी कि इंफाल पश्चिम जिले में प्रतिबंधित संगठन कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (एमएफएल) के सदस्य साइचे बोयसन कोम को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। ये गिरफ्तारी लामडेंग माखा लेइकाई से हुई थी।
ये शख्स प्रतिबंधित संगठन के लिए हथियार और गोला-बारूद ले जा रहा था। इसके पास से एक हल्की मशीन गन, एक एके-56 राइफल और उसकी एक मैगजीन, एक एम4 राइफल और मैगजीन, एक पिस्तौल, पांच गोले तथा एक मोर्टार, विभिन्न कैलिबर के 87 कारतूस और पांच विस्फोटक और चार हथगोले बरामद हुए थे।
शुक्रवार को भी पकड़े गए थे हथियार
इसके अलावा शुक्रवार को भी पुलिस और सीआरपीएफ की टीम ने कांगपोकपी जिले के लासन और लांगका इलाकों से हथियार बरामद किए थे। इस दौरान सुरक्षाबलों को एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), एक इंसास राइफल, .303 राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद मिला था।
इस सभी घटनाओं को अगर देखें तो ये समझ आ जाता है कि मणिपुर में उग्रवादी एक्टिव हैं और कुछ बड़ा करने की योजना बना रहे हैं। इतनी बड़ी मात्रा में कुछ ही दिनों में हथियारों और गोला बारूद का मिलना ये दर्शाता है कि उग्रवादी मणिपुर में दहशत फैलाना चाहते हैं।
गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने कहा था- बातचीत से दूर हो सकते हैं मतभेद, बंदूक से नहीं
शुक्रवार को ही मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम का बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था, "राज्य के विभिन्न समुदायों के बीच मतभेदों को केवल बातचीत के जरिए दूर किया जा सकता है, हथियारों के जरिए नहीं।"
गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने साफ कहा था कि केवल बातचीत करके ही राज्य में शांति बहाल हो सकती है। ऐसे में ये जरूरी है कि विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास की कमी दूर हो। उन्होंने साफ कहा था कि शांति केवल बातचीत से आती है, बंदूक की नली से नहीं।
इससे पहले मणिपुर के एक गांव में उग्रवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी और उसका पति-बेटा घायल हो गए थे। (इनपुट- PTI)
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