Telangana Maoist Surrender: तेलंगाना में पुलिस को माओवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। तेलंगाना के DGP बी. शिवधर रेड्डी ने बताया कि आज (शनिवार को) 47 माओवादी कैडरों ने सरेंडर कर दिया। ये सभी माओवादी दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी, साउथ बस्तर रीजनल कमेटी की 9वीं और 30वीं प्लाटून और पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) से जुड़े हुए थे।
अलग-अलग लेवल के माओवादियों का सरेंडर
सरेंडर करने वालों में संगठन के अलग-अलग लेवल के मेंबर शामिल हैं। इनमें एक स्टेट कमेटी मेंबर, 3 डिवीजन कमेटी मेंबर, 24 एरिया कमेटी मेंबर और 19 पार्टी मेंबर शामिल हैं। माओवादियों का एक साथ इतनी बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।
माओवादियों ने कौन-कौन से हथियार सौंपे?
डीजीपी के अनुसार, आत्मसमर्पण करते वक्त इन माओवादियों ने हथियार और गोला-बारूद भी पुलिस को सौंपा है। इनमें चार AK-47 राइफल, तीन SLR, एक लाइट मशीन गन (LMG), दो INSAS राइफल, दो 410 मस्केट, एक 9 मिलीमीटर पिस्टल और एक .35 मिलीमीटर हथियार शामिल हैं। कुल मिलाकर पुलिस को माओवादियों ने 32 हथियार, 26 मैगजीन, 515 राउंड कारतूस और कार्डेक्स वायर के 10 बंडल पुलिस को सौंप दिए हैं।
मुख्यधारा में लौटना चाह रहे माओवादी
तेलंगाना के डीजीपी का कहना है कि यह माओवादियों का यह आत्मसमर्पण, सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार चल रहे ऑपरेशन का नतीजा है। सिक्योरिटी फोर्सेस के प्रेशर और विकास कार्यों की वजह से माओवादी अब समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय कर रहे हैं। डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी बोले कि अब तेलंगाना में शांति एवं कानून व्यवस्था मजबूत हुई है।
तेलंगाना में माओवाद नहीं
डीजीपी ने कहा कि तेलंगाना में माओवादी का मूवमेंट नहीं है। जो लोग अब भी जंगलों में एक्टिव हैं, उन्हें सरेंडर कर मेनस्ट्रीम में लौटने का अवसर दिया जा रहा है। इससे वह दोबारा सामान्य जिंदगी जी पाएंगे।
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