नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों मास्टरमाइंड, जिसमें से एक केमिस्ट्री के रिटायर्ड प्रोफेसर हैं तो वहीं दूसरी मास्टरमाइंड बॉटनी की लेक्चरर है। दोनों का सिंडिकेट कैसे चलता था, ये जानकर आपको हैरानी होगी। दोनों पुणे में रहने वाली एक ही महिला के ज़रिए सिंडिकेट चला रहे थे। Neet paper leak मामले में केमेस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी और बॉटनी की टीचर मनीषा गुरुनाथ दोनों को NTA ने NEET- UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था और दोनों के छात्रों के भविष्य से ऐसा खिलवाड़ किया।
दोनों मास्टरमाइंड कैसे चलाते थे सिंडिकेट
दोनों मास्टरमाइंड ने ही पेपर लीक करने के लिए पुणे की ही रहने वाली मनीषा वाघमारे नाम की महिला का सहारा लिया था। मनीषा वाघमारे ने ही नीट की तैयारी करने वाले पैसों वाले घराने के स्टूडेंट जुटाए थे और उसके बाद एक स्पेशल क्लास पीवी कुलकर्णी के लिए और एक स्पेशल क्लास मनीषा रघुनाथ के लिए चलाया गया और इसी स्पेशल क्लास में पेपर लीक किया गया। कुलकर्णी ने तो सवाल और उनके जवाब छात्रों को हैंडबुक में नोट कराए थे।
इस केस में जल्द होगी तीसरी बड़ी गिरफ्तारी
मनीषा वाघमारे अब इस पेपर लीक केस में एक अहम कड़ी है, जिसके जरिए सीबीआई को अहम सबूत हाथ लगे हैं। मनीषा का अकाउंट भी सीज किया गया है और उससे पूछताछ जारी है। सूत्रों के मुताबिक इस केस में एक और बड़ी गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। दूसरी तरफ CBI ने नीट पेपर लीक मामले में मनीषा वाघमारे और पी वी कुलकर्णी को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। CBI ने दोनों की 14 दिन की रिमांड अदालत से मांगी है। बता दें कि इस केस की सीबीआई जांच कर रही है और केस के तार बड़े सिंडिकेट से जुड़ रहे हैं जो प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल में थे।
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