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अनचाही बेटी से IAS तक का सफर, संजना महापात्रा के संघर्ष की कहानी सुन आंखें भर आएंगी

बेटा चाहिए था और पैदा हुई बेटी तो मां बाप ने उसे लगभग छोड़ ही दिया। उस अनचाही बेटी ने आईएएस बन परिवार का नाम रौशन किया। जानिए संघर्ष से भरी संजीता महापात्रा की कहानी...

संजीता महापात्रा की सक्सेस स्टोरी- India TV Hindi
Image Source : SOCIAL MEDIA संजीता महापात्रा की सक्सेस स्टोरी

महाराष्ट्र: मां बाप चाहते थे बेटा और पैदा हो गई बेटी, उस अनचाही बेटी ने बचपन से ही कठिनाईयों और परेशानियों पर जीत हासिल की और आज वही मां बाप उनके आईएएस अधिकारी होने पर गर्व से कहते हैं-हमारी बेटी है। अनचाही बेटी से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी तक का सफर तय करने वाली संजीता महापात्रा की कहानी धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ बाधाओं पर विजय पाने की कहानी है। आईएएस संजीता महापात्रा ने कुछ दिन पहले एक संवाददाता सम्मेलन में अपनी कहानी बताई थी जो प्रेरणादायक है।

Image Source : social mediaआईएएस संजीता महापात्रा की कहानी

महापात्रा ने बताया कि उनका जन्म ओडिशा के राउरकेला में एक गरीब परिवार में हुआ था और उनके जन्म से उनकी मां एकदम निराश हो गई थीं। क्योंकि उनकी पहले से एक बेटी थी और वे बेटा चाहती थीं लेकिन उन्हें बेटी के रूप में संजीता मिली। इस तरह से वे एक अनचाही औलाद थीं और उनके परिवार ने उन्हें लगभग छोड़ दिया था, लेकिन उनकी बड़ी बहन ने माता पिता से काफी जिद की जिसके बाद उनके माता-पिता ने उन्हें अपने पास रख लिया और फिर शुरू हुई संघर्ष की दास्तां।

Image Source : social mediaआईएएस संजीता महापात्रा

महापात्रा का बचपन परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के कारण कठिनाइयों से भरा था और उन्हें अपनी शिक्षा पूरी करने के लिए सामाजिक संगठनों, शिक्षकों और छात्रवृत्तियों पर निर्भर रहना पड़ा था। इसी तरह से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल करने के बाद, उन्हें स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) में सहायक प्रबंधक की नौकरी मिल गई। परिवार को तब खुशी हुई और  उन्होंने अपने माता-पिता को उनके गांव में घर बनाने में आर्थिक मदद भी की।

Image Source : socail mediaसंजीता महापात्रा ने शेयर की अपनी कहानी

उन्होंने बताया कि जब मुझे सेल में नौकरी मिली तब मेरे माता-पिता को पहली बार मेरी उपलब्धियों पर गर्व हुआ। महापात्रा का सपना बचपन से ही आईएएस अधिकारी बनने की थी। फिर उनकी शादी हो गई लेकिन उनके पति ने उनके सपने को पूरा करने में उनका पूरा साथ दिया और अपने पति की प्रेरणा और समर्थन से 2019 में अपने पांचवें प्रयास में संघ लोक सेवा संघ (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की। उनकी उपलब्धि पर माता पिता के साथ ही पति और ससुराल वालों को भी गर्व है।

Image Source : social mediaपति के साथ संजीता महापात्रा

महापात्रा अभी अमरावती जिला परिषद की सीईओ के रूप में काम कर रही हैं। महापात्रा ने कहा कि मैं अब स्वयं सहायता समूहों में महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती हूं और जिला परिषद स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना चाहती हूं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के लिए एक विशिष्ट बाजार बनाने की भी ख्वाहिश जाहिर की है और इस दिशा में काम कर रही हैं।  

(इनपुट-पीटीआई)

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