टिहरी-गढ़वाल: जबलपुर के बरगी डैम में स्टीमर डूबने की घटना के बाद एक और ऐसा हादसा टिहरी गढ़वाल की डोबरा-चाटी झील में एसडीआरएफ के साहसिक प्रयासों से टल गया। 02 मई 2026 को सायं लगभग 19:45 बजे डोबरा-चाटी झील क्षेत्र में अचानक आए भीषण आंधी-तूफान ने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न कर दिया। तेज हवाओं के साथ उठती लहरों ने झील में स्थापित फ्लोटिंग हटमेंट को काफी नुकसान पहुंचाया और वह क्षतिग्रस्त होकर बहने लगे। इन हटमेंट्स में ठहरे पर्यटक अचानक आई इस आपदा के बीच घिर गए और मदद की गुहार लगाई।
पूरी तरह अलर्ट थी एसडीआरएफ की टीम
30 अप्रैल 2026 को जबलपुर के बरगी बांध क्षेत्र में हुई क्रूज़ दुर्घटना जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके मद्देनडजर सेनानायकअर्पण यदुवंशी द्वारा पूर्व में ही टीमों को ब्रीफिंग तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे, जिससे सभी टीमें पहले से ही पूर्ण तैयारी और सतर्कता की स्थिति में थीं। इसी सजगता के चलते स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया गया और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के त्वरित कार्रवाई की गई।
सफल रेस्क्यू अभियान संचालित किया
कोटी कॉलोनी में स्थित SDRF टीम बिना देर किए SI नरेंद्र राणा के नेतृत्व में आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। रात का समय, तेज आंधी, सीमित दृश्यता और झील की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच टीम ने अदम्य साहस, संयम और उच्च स्तर की पेशेवर दक्षता का परिचय दिया। घटनास्थल पर पहुंचते ही बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मौसम विभाग द्वारा पूर्व में जारी चेतावनियों के दृष्टिगत SDRF टीम पहले से ही संवेदनशील स्थलों पर अलर्ट मोड में तैनात थी। इसी सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया के कारण संभावित बड़ी दुर्घटना को घटित होने से रोका जा सका तथा समय रहते सफल रेस्क्यू अभियान संचालित किया गया।
एक-एक कर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला
SDRF टीम ने अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में फ्लोटिंग हटमेंट तक पहुंच बनाते हुए एक-एक कर सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के दौरान टीम ने न केवल तकनीकी दक्षता बल्कि मानवीय संवेदनशीलता का भी परिचय दिया, जिससे घबराए हुए लोगों को भरोसा मिला। लगभग 25–30 व्यक्तियों को सुरक्षित निकालकर पर्यटन विभाग की बोट के माध्यम से सकुशल कोटी कॉलोनी पहुंचाया गया।
चारधाम यात्रा के पर्यटकों से अपील
इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई के परिणामस्वरूप एक संभावित बड़ी घटना को समय रहते टाल दिया गया। SDRF चारधाम यात्रा में आने वाले सभी श्रद्धालुओं, नागरिकों एवं पर्यटकों से अपील करती है कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें तथा खराब मौसम की स्थिति में जलाशयों एवं झील क्षेत्रों से दूर रहें। सतर्कता और जागरूकता ही किसी भी दुर्घटना से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
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