A
Hindi News भारत राष्ट्रीय Chameleons Color: इंसान रंग बदले ना बदले क्यों रंग बदलता है गिरगिट, आखिर इसके पीछे का क्या है विज्ञान

Chameleons Color: इंसान रंग बदले ना बदले क्यों रंग बदलता है गिरगिट, आखिर इसके पीछे का क्या है विज्ञान

Chameleons Color: आप सभी बचपन से सुनते आ रहे होंगे गिरगिट रंग बदलता है। इसे जुड़ा एक कहावात भी अक्सर बोलते हैं। जब आप किसी से नाराज हो जाते हैं तो उसे कोसते हुए बोलते है कि ये गिरगिट की तरह रंग बदलता है।

Chameleons Color- India TV Hindi Image Source : INDIA TV Chameleons Color

Highlights

  • गिरगिट के त्वचा में मौजूद क्रोमैटौफोर्स कोशिकाएं होती है
  • पर्यावरण के मुताबिक रंग बदलने में मदद मिलता है
  • हाव-भाव के अनुसार अपने कलर को चेंज करते रहता है

Chameleons Color: आप सभी बचपन से सुनते आ रहे होंगे गिरगिट रंग बदलता है। इसे जुड़ा एक कहावात भी अक्सर बोलते हैं। जब आप किसी से नाराज हो जाते हैं तो उसे कोसते हुए बोलते है कि ये गिरगिट की तरह रंग बदलता है। आखिर आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है। अचानक से गिरगिट हरा रंग से लाल और पीला से सफेद हो जाता है। तो चलिए जानते हैं कि गिरगिट रंग क्यों बदलता है। 

कैसे बदलते हैं रंग?
आपने देखा होगा कि अगर गिरगिट किसी हरे पत्ते पर है तो वो खुद को उस रंग में बदल लेता है। ऐसा अक्सर गिरगिट तब करता है जब उसे खतरा महसुस होता है। वो अपने दुश्मनों से बचने के लिए ये कदम उठाता है। जिसके कारण शिकारी को पता नहीं चल पाता है। इसके आलावा कई बार गिरगिट शिकार करने के लिए भी अपना कलर चेंज करता है। वही नर गिरगिट मादा गिरगिट को अपनी ओर आर्कषित करने के लिए रंग चेंज करता है।

क्या है वैज्ञानिक रिजन?
वैज्ञानिकों के मुताबिक, गिरगिट अपनी भावनाओं के हाव-भाव के अनुसार अपने कलर को चेंज करते रहता है। इस बार में वैज्ञानिकों ने बताया कि गिरगिट एक दुसरे से बात करने के लिए, गुस्सा, आक्रमकता और दूसरे जानवरों को अपना मिजाज समझाने के लिए अपना रंग चेंज करता है। वहीं एक शोध में पाया गया था कि गिरगिट कभी भी रंग नहीं बदलते हैं वो अपनी चमक बदलते हैं। इसके आलावा शोध में ये भी बताया गया था कि वो अपना साइज में भी बदलाव करते हैं। यानी खुद को छोटा या बड़ा करने की क्षमता रखते हैं।

किस वजह से कलर बदलता है?
एक शोध में पाया गया कि गिरगिट के त्वचा में मौजूद क्रोमैटौफोर्स कोशिकाएं होती है जिसके कारण उसे पर्यावरण के मुताबिक रंग बदलने में मदद मिलता है।  गिरगिट आमतौर पर पृष्ठभूमि में घुलने-मिलने की पूरी कोशिश करते हैं। लेकिन जब वयस्क पुरुष खुद को एक प्रतिद्वंद्वी का सामना करते हुए पाते हैं, तो वे तेजी से बोल्ड रंगों पर स्विच करते हैं, उदाहरण के लिए, हरे से पीले रंग में बदलते हैं। वही इस संबंध में अन्य वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया था कि वे अपनी त्वचा की कोशिकाओं में पिगमेंट को घुमाकर ऐसा कर सकते हैं। 

शोधकर्ता नेचर कम्युनिकेशंस में ऑनलाइन रिपोर्ट में बताया कि गिरगिट त्वचा कोशिकाओं की शीर्ष परतों में से एक में नैनोक्रिस्टल की जाली को पुनर्व्यवस्थित करके रंग बदलते हैं। इन कोशिकाओं, जिन्हें इरिडोफोरस कहा जाता है, ग्वानिन से बने छोटे क्रिस्टल होते हैं, जो डीएनए के न्यूक्लिक एसिड बिल्डिंग ब्लॉक्स में से एक है। नैनोक्रिस्टल में एक उच्च क्रम वाली व्यवस्था होती है, जो आम तौर पर उन्हें हरे रंग जैसे प्रकाश के एक रंग को दृढ़ता से प्रतिबिंबित करने का कारण बनती है। 

Latest India News