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World River Day: क्यों मनाया जाता है विश्व नदी दिवस, जानें क्या है इस बार की थीम?

दुनिया भर में आज विश्व नदी दिवस मनाया जा रहा है। भारत में नदियों का खास महत्व होता है। आइये जानते हैं कि विश्व नदी दिवस क्यों मनाया जाता है और इस बार विश्व नदी दिवस की थीम क्या है?

विश्व नदी दिवस।- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV विश्व नदी दिवस।

World Rivers Day: दुनिया भर में जल के बिना जीवन असंभव है। मानव सभ्यता की शुरुआत उन्हीं जगहों पर हुई जहां आसानी से जल उपलब्ध हो सका। जल का सबसे अच्छा साधन नदी होती है। नदियों का का मानव जीवन में विशेष महत्व होता है। तमाम नदियों के किनारे ही मानव सभ्यताएं शुरू हुईं और इनका विकास भी होता गया। आज भी कई शहर ऐसे हैं जो किसी न किसी नदी के किनारे पर बसे हुए हैं। भारत में तो नदियों को देवी और मां की संज्ञा दी गई है। ऐसे में नदियों के महत्व को इग्नोर नहीं किया जा सकता है। नदियां हमारे जीवन का आधार हैं और हमें इनकी रक्षा करनी चाहिए। आज दुनिया भर में विश्व नदी दिवस मनाया जा रहा है। 

क्यों मनाया जाता है विश्व नदी दिवस?

दरअसल, विश्व नदी दिवस हर साल सितंबर के चौथे रविवार को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों के बीच नदियों के महत्व के प्रति जागरूकता को बढ़ाना है। इसके अलावा लोगों को नदियों के संरक्षण के बारे में संदेश देना और जनता को यह प्रेरित करना कि वे नदियों की सेहत बनाए रखने में सहभागी बनें। विश्व नदी दिवस लोगों, संगठनों और सरकारों को यह सोचने और काम करने के लिए प्रेरित करता है कि कैसे हम अपनी नदियों की रक्षा कर सकते हैं, उन्हें पुनर्स्थापित कर सकते हैं और प्रदूषण को रोक सकते हैं। आजकल कई नदियां प्रदूषण, अवैध रूप से पानी निकालना, बांधों और जल-प्रबंधन परियोजनाओं की वजह से संकट में हैं। इसलिए इस दिवस के माध्यम से इन मुद्दों को सामने लाने का प्रयत्न किया जाता है। 

इस बार क्या है विश्व नदी दिवस की थीम?

वैसे तो विश्व नदी दिवस हर साल मनाया जाता है। हर साल विश्व नदी दिवस को मनाने के लिए और लोगों को जागरूक करने के लिए इसकी अलग-अलग थीम भी रखी जाती है, जिससे लोगों को प्रेरित किया जाता है। इस बार विश्व नदी दिवस की थीम "हमारी नदियां, हमारा भविष्य" रखा गया है। यह थीम इस बात पर बल देती है कि यदि हम आज नदियों की रक्षा नहीं करेंगे, तो भविष्य भी संकट में आ सकता है। ऐसे में भविश्य की रक्षा के लिए हमें आज से ही नदियों के संरक्षण के बारे में विचार करना होगा और इसके लिए प्रयास भी करने होंगे। 

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