1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. जिनपिंग की सुरक्षा के लिए फर्श से अर्श तक बनाया गया अभेद्य घेरा, जानें कितनी कड़ी है उनकी सिक्योरिटी

जिनपिंग की सुरक्षा के लिए फर्श से अर्श तक बनाया गया अभेद्य घेरा, जानें कितनी कड़ी है उनकी सिक्योरिटी

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सिक्योरिटी के लिए जमीन से आसमान तक अभेद्य घेरा बनाया है। दूसरे देश में जाकर भी जिनपिंग अपनी खास कार का इस्तेमाल करते हैं। वह रॉकेट भी उसपर बेअसर है।

बेहद कड़ी है शी...- India TV Hindi
Image Source : PTI बेहद कड़ी है शी जिनपिंग की सुरक्षा।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS समिट में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। जान लें कि शी जिनपिंग की सुरक्षा के लिए जमीन से लेकर आसमान तक अभेद्य घेरा बनाया गया है। चीनी सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क भारतीय सुरक्षा एजेंसियां हैं। NSG और SPG चीनी सुरक्षा एजेंसियो के साथ कॉर्डिनेशन में लगी हैं। होटल के बाहर दिल्ली पुलिस के SWAT कमांडो और स्पेशल सेल के अधिकारी पैरा मिलिट्री फोर्सेज के साथ तैनात हैं।

जिनपिंग के पहुंचने से पहले कंट्रोल में ले लिया जाता है इलाका

शी जिनपिंग की सुरक्षा की सबसे अहम बात है कि खतरा सामने आने का इंतजार नहीं, बल्कि जिनपिंग के पहुंचने से पहले ही पूरे इलाके, रूट, होटल और संभावित खतरे को न्यूट्रलाइज कर दिया जाता है। शी जिनपिंग की सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ उनके आसपास तैनात सुरक्षाकर्मियों तक सीमित नहीं रहती, उनकी सुरक्षा में इलाके को कंट्रोल में लेना, पहले से सुरक्षा ऑडिट, टेक्निकल सर्विलांस और विशेष सुरक्षा वाहनों का इस्तेमाल शामिल होता है।

शी जिनपिंग की सिक्योरिटी को लेकर अहम बातें

  1. सेंट्रल गार्ड ब्यूरो जिम्मेदार- शी जिनपिंग की मुख्य सुरक्षा सेंट्रल गार्ड ब्यूरो संभालता है। इसमें PLA के बेहद चुनिंदा और वफादार कमांडो शामिल होते हैं।
  2. जहां जिनपिंग जाते हैं, पूरा इलाका लॉकडाउन की स्थिति में दिखता है। जिनपिंग के दौरे के दौरान, उनके कार्यक्रम स्थल और आसपास के पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर आम आवाजाही को रोक दिया जाता है।
  3. हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती- सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं। ये अलग-अलग सुरक्षा घेरे में रहकर राष्ट्रपति के आसपास की गतिविधियों पर नजर रखते हैं।
  4. दौरे से पहले पूरा सुरक्षा ऑडिट- जिनपिंग के पहुंचने से काफी पहले चीनी सुरक्षा और खुफिया अधिकारी उस जगह का मुआयना करते हैं। होटल, कार्यक्रम स्थल, रास्ते और आसपास के इलाकों की सुरक्षा जांच की जाती है।
  5. एयरस्पेस और हवा तक की निगरानी- विदेश यात्रा के दौरान चीनी एजेंसियां गंतव्य शहर के एयरस्पेस, वेंटिलेशन सिस्टम और हवा के फ्लो तक की जांच कर सकती हैं, ताकि किसी संभावित खतरे को पहले ही पहचाना जा सके।
  6. AI फेसियल रिकग्निशन और साइबर इंटेलिजेंस- सुरक्षा व्यवस्था में AI आधारित फेसियल रिकग्निशन कैमरे और एडवांस साइबर इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। संदिग्ध गतिविधियों और लोगों की पहचान में तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  7. होटल भी सुरक्षा घेरे में- जिस होटल में जिनपिंग ठहरते हैं, वहां संचार व्यवस्था, इंटरनेट और नेटवर्क एक्सेस के साथ-साथ होटल के इंफ्रास्ट्रक्चर की भी कड़ी जांच और निगरानी की जा सकती है।
  8. सादे कपड़ों में चीनी एजेंट-विदेश दौरों के दौरान सैकड़ों चीनी सुरक्षा एजेंट सादे कपड़ों में पहले से पहुंच सकते हैं। ये स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर संभावित खतरों का आकलन करते हैं।
  9. कई दिन पहले शुरू हो जाता है सुरक्षा ऑपरेशन- सुरक्षा एजेंट सिर्फ जिनपिंग के पहुंचने के समय सक्रिय नहीं होते, बल्कि कई दिन पहले पहुंचकर चुपचाप सुरक्षा ऑडिट शुरू कर सकते हैं।
  10. विशेष बुलेटप्रूफ कार- जिनपिंग के लिए चीन की विशेष Hongqi N701 लिमोजिन का इस्तेमाल किया जाता है। इसे बेहद उच्च सुरक्षा वाली आधिकारिक कार के तौर पर तैयार किया गया है और रिपोर्टों में इसे रॉकेट हमले जैसे खतरों से सुरक्षा देने में सक्षम बताया गया है।
  11. स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल- विदेश यात्रा के दौरान चीनी सुरक्षा टीम मेजबान देश की सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर रूट, होटल, कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देती है।

ये भी पढ़ें- BRICS समिट 2026 की वजह से आज दिल्ली में कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट, वाहन वाले लोग जरूर पढ़ लें ये अपडेट 

Latest India News