नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर खाने की थाली में घोटाले का आरोप लगाया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आज खुलासा किया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के घर हुई एक भोजन पार्टी में थाली की कीमत एक दिन में बढ़ा दी गई। 11 फरवरी को 50 लोगों के खाने का बिल 6 लाख 23 हजार 605 रुपये का आया जबकि 12 फरवरी को थाली की कीमत बढ़ा दी गई जबकि 30 लोगों ने ही खाना खाया।
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आप जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता विजेन्द्र गुप्ता ने आज कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने आवास पर दो दिनों में 80 मेहमानों को भोजन कराने में 11,04,357 रूपये खर्च किये जो अपने आप में सरकारी लंच का रिकार्ड है। उन्होंने केजरीवाल से इस्तीफा देने की मांग की।
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने दो दिनों में 80 मेहमानों को भोजन कराने में 11,04,357 रूपये खर्च किये यानि एक मेहमान के लंच पर 13,805 रूपये खर्च आया। नियम के अनुसार सरकार गैर सितारा होटल में आयोजित होने वाले लंच पर 1250 रूपये खर्च कर सकती है लेकिन सभी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए दिल्ली सरकार ने 1100 प्रतिशत ज्यादा रूपये खर्च किये। उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल सरकार ने एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर आयोजित समारोह में यह खर्च किया।
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वहीं, बीजेपी के आरोपों को आम आदमी पार्टी सरकार ने निराधार बता कर खारिज कर दिया। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केजरीवाल द्वारा दावत में 12 से 16 हजार रपये प्रति प्लेट कीमत का खाना खिलाने के नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता के आरोपों को गलत बताया। सिसोदिया ने कहा कि एक साल पहले अफसरों ने 13 रुपये प्रति प्लेट कीमत के खाने के बिल की फाइल मेरे पास मंजूरी के लिये भेजी थी, लेकिन मैंने इसे मंजूरी देने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा कि छह महीने पहले यह फाइल पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग ने तलब की थी। तब से यह फाइल राजनिवास में पड़ी है।
सिसोदिया ने पिछले कुछ दिनों से हो रहे इस तरह के खुलासों के पीछे राजनिवास को भी निशाने पर लेते हुये कहा कि खाने के बिल की फाइल छह महीने से जानबूझ कर चुनाव के समय लीक करने के लिये उपराज्यपाल कार्यालय में रोक कर रखी गयी थी। सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा कि एलजी ऑफिस के अफसर भाजपा के इशारे पर सरकार को बदनाम करने के लिये आधी जानकारी के साथ फाइलें लीक कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लीक किये गये दस्तावेजों में यह नहीं बताया गया है कि दस महीने पहले बिल के भुगतान को रोकने के लिये उन्होंने फाइल पर क्या लिखा था। सिसोदिया ने भाजपा को इस मामले से जुड़ी पूरी फाइल और इस पर उनके नोट को भी सार्वजनिक करने की चुनौती दी।
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