नयी दिल्ली: चुनाव आयोग ने भ्रष्टाचार रोकने के लिए चुनाव कानून में बदलाव कर पराजित उम्मीदवारों के खिलाफ भी चुनाव याचिका को दायर करने की अनुमति देने की मांग की है। चुनाव याचिका के जरिये फिलहाल भ्रष्ट आचरण का सहारा लेने के आरोपों को लेकर चुनाव में किसी उम्मीदवार की जीत को चुनौती दी जाती है। ये भी पढ़ें: ‘नेहरू नहीं नेताजी सुभाष चंद्र बोस थे देश के पहले प्रधानमंत्री’
चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने कहा, एक चुनावी याचिका में उच्च न्यायालय के आदेश से भ्रष्ट तरीका स्थापित हो सकता है। यहां एक दिक्कत है कि चुनाव याचिका केवल जीतने वाले उम्मीदवार के खिलाफ ही दायर की जा सकती है। इसका मतलब है कि अगर हारे हुए उम्मीदवार ने चुनाव में भ्रष्ट तरीका अपनाया हो तो उसपर सवाल करने का और स्थापित करने का कोई जरिया नहीं है।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स द्वारा आयोजित चुनाव सुधार पर मशविरा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने सरकार को संबंधित कानून में संशोधन का प्रस्ताव दिया है ताकि हारे हुए उम्मीदवार द्वारा अपनाए गए भ्रष्ट तरीके के संबंध में भी चुनाव याचिका दाखिल की जा सके।
Latest India News