नई दिल्ली: तत्कालीन अखंड पंजाब और बंगाल का बंटवारा भारत संघ और डोमिनियन ऑफ पाकिस्तान के बीच करने की जिम्मेदारी ब्रिटिश सरकार ने सर सिरिल जॉन रेडक्लिफ को सौंपी थी।
लोग मानते हैं कि ब्रिटेन की छलपूर्ण नीति, मुस्लिम लीग की फूटनीति, भारतीय जनता में दृढ़ता और सामर्थ्य का अभाव, कांग्रेस की गैर- जिम्मेदारीपूर्ण भूमिका के कारण देश का विभाजन हुआ।
कुछ लोग भारत विभाजन के खिलाफ थे, कुछ पक्ष में थे और कुछ ऐसे लोग थे, जो भारत के धर्म आधारित विभाजन के खिलाफ थे, तो कुछ लोग ऐसे भी थे जो यह मानते थे कि जब धर्म के आधार पर विभाजन हो ही रहा है तो फिर जनता की अदल-बदली भी होनी चाहिए और ठीक-ठीक विभाजन होना चाहिए ताकि बाद में किसी प्रकार का विवाद न हों।
अगली स्लाइड में भारत विभाजन के बारे में कुछ चौंकाने वाले तथ्य
Latest India News