नई दिल्ली: नरेन्द्र मोदी बचपन में साधु-संतों से प्रभावित हुए और संन्यासी बनने के लिए स्कूल की पढ़ाई के बाद घर से भाग गए थे। इस दौरान मोदी पश्चिम बंगाल के रामकृष्ण आश्रम सहित कई जगहों पर घूमते रहे।
स्टेशन पर चाय बेचने वाले तब के 15 वर्षीय नरेंद्र मोदी आज 65 साल के हो गए। वह आज भारत के प्रधानमंत्री के रूप में पाकिस्तान पर भारत की विजय का स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहे हैं।
मोदी के जीवन में इसी तरह के कई उतार-चढ़ाव आए। तो जानिए उनके जीवन से जुड़े दिलचस्प प्रसंग...
- नरेन्द्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को वड़नगर में दामोदार दास मूलचंद मोदी और हीराबेन के यहां हुआ। बचपन में उन्हें नरिया कहकर बुलाया जाता था।
- नरेन्द्र मोदी के पिता की रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान थी। 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान उन्होंने स्टेशन से गुजर रहे सैनिकों को चाय पिलाई।
- नरेन्द्र मोदी बचपन में एक्टिंग का शौक था और वे स्कूल में एक्टिंग, वाद-विवाद, नाटकों में भाग लेते और पुरस्कार जीतते थे। एनसीसी में भी शामिल हुए।
- नरेन्द्र मोदी बचपन में साधु-संतों से प्रभावित हुए। वे बचपन से ही संन्यासी बनना चाहते थे। संन्यासी बनने के लिए मोदी स्कूल की पढ़ाई के बाद घर से भाग गए थे। इस दौरान मोदी पश्चिम बंगाल के रामकृष्ण आश्रम सहित कई जगहों पर घूमते रहे।
- हिमालय में कई महीनों तक साधुओं के साथ रहे। हिमालय से लौटने के बाद मोदी ने अपने भाई के साथ मिलकर अहमदाबाद में चाय की दुकान भी लगाईं। उन्होंने हर कठिनाई को सहते हुए चाय बेची।
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