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Hindi News भारत राजनीति गौरक्षा के नाम पर हो रहे उत्पीड़न के शिकार लोगो को मिलेगा पूरा न्याय: कठेरिया

गौरक्षा के नाम पर हो रहे उत्पीड़न के शिकार लोगो को मिलेगा पूरा न्याय: कठेरिया

गोरक्षा के नाम पर लोगों विशेषकर दलित समुदाय के लोगों की पीट पीटकर हत्या करने के मामले की कड़ी भर्त्सना करते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया ने आज कहा कि ऐसे किसी भी मामले में आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि पीड़ितों को पूरा न्य

रामशंकर कठेरिया- India TV Hindi रामशंकर कठेरिया

नयी दिल्ली: गोरक्षा के नाम पर लोगों विशेषकर दलित समुदाय के लोगों की पीट पीटकर हत्या करने के मामले की कड़ी भर्त्सना करते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया ने आज कहा कि ऐसे किसी भी मामले में आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि पीड़ितों को पूरा न्याय मिले। गोरक्षा के नाम पर देश के विभिन्न भागों में लोगों की पीट पीटकर हत्या करने और विशेष तौर पर दलितों एवं अल्पसंख्यकों को निशाना बनाये जाने के आरोपों के बारे में पूछने पर कठेरिया ने कहा, गोरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार बोल रहे हैं। प्रधानमंत्री की बात ही सर्वोपरि हैं और उससे ही हमारी सरकार एवं हम सबका रूख पर्याप्त तौर पर स्पष्ट हो जाना चाहिए। (केरल NCP अध्यक्ष उझावूर विजयन का 60 वर्ष की उम्र में निधन)

ऐसी घटनाओं पर आयोग की तरफ से उठाये गये कदमों के बारे में पूछे जाने पर कठेरिया ने कहा, उुना की घटना और रोहित वेमुला की घटना पर कार्रवाई की गयी है, इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता। लेकिन जिस तरह से इन घटनाओं को तूल दिया गया, जिस तरह से उसे राजनीतिक रंग दिया गया, उसकी जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा, आज मैं आयोग के अध्यक्ष की हैसियत से यह कह सकता हूं कि हमारे आयोग और सरकार की ओर से यह पूरा प्रयास रहेगा कि अव्वल तो ऐसी घटानाएं घटित ही नहीं हों, इसके लिए हम पूरी तरह से सतर्क हैं और साथ ही हमारा हर मामले में यह पूरा प्रयास रहता है कि पीड़ितों को पूरा न्याय मिल सके। यही हमारी प्राथमिकता है।

विपक्षी सदस्यों द्वारा केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति उप प्लान कटौती किए जाने के आरोप के बारे में पूछे जाने पर कठेरिया ने कहा, पहली बात तो यह है कि हमारी सरकार ने खर्च, सब प्लान ,जिसकी आप बात कर रहे हैं, इसमें किसी तरह की कटौती नहीं की है। जो खर्चे थे, चाहे वे किसी भी विभाग के हों, उनके खर्च करने के तरीके में सुधार किया है। इसके कारण यह लगता है कि खर्चे में कटौती हो गयी। इसमें महत्वपूर्ण बात यह है कि जो भी बजट दिया गया है, उसका कितना सद्पुयोग किया गया है।

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