1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. PM, CM समेत मंत्रियों की गिरफ्तारी पर जाएगा पद! 17 जुलाई को JPC की रिपोर्ट, मॉनसून सत्र में आ सकता है बिल

PM, CM समेत मंत्रियों की गिरफ्तारी पर जाएगा पद! 17 जुलाई को JPC की रिपोर्ट, मॉनसून सत्र में आ सकता है बिल

संसदीय समित कि रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद सरकार इसे संसद के मॉनसून सत्र में पेश कर सकती है। मानसून सत्र में इसको लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच काफी बहस भी हो सकती है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : SANSAD TV सांकेतिक तस्वीर

प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी की स्थिति में पद से हटना होगा। ऐसा प्रावधान करने वाले विवादास्पद 130वें संविधान संशोधन विधेयक पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) अपनी रिपोर्ट 17 जुलाई को अपनाने (Adopt) की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, समिति ने विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की है। अब अंतिम रिपोर्ट को मंजूरी देने की तैयारी चल रही है।

स्वतः अपने पद से हटाने का प्रावधान 

जानकारी के अनुसार, समिति की रिपोर्ट में विधेयक का सबसे चर्चित और विवादास्पद प्रावधान बरकरार रखा जा सकता है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत यदि प्रधानमंत्री, किसी राज्य के मुख्यमंत्री या केंद्र अथवा राज्य सरकार के किसी मंत्री को किसी गंभीर अपराध के मामले में गिरफ्तार किया जाता है और वह लगातार 30 दिनों तक न्यायिक या पुलिस हिरासत में रहता है, तो उसे स्वतः अपने पद से हटाने का प्रावधान किया जा सकता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना बताया जा रहा है कि गंभीर आपराधिक मामलों में लंबे समय तक हिरासत में रहने वाले जनप्रतिनिधि कार्यपालिका के सर्वोच्च पदों पर बने न रहें।

मॉनसून सत्र में किया जा सकता है पेश

सूत्रों का कहना है कि यदि समिति 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट को मंजूरी दे देती है, तो सरकार इसे 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मॉनसून सत्र में पेश कर सकती है। संसद में विधेयक पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है, क्योंकि यह सीधे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के संवैधानिक पदों तथा जवाबदेही से जुड़ा विषय है। ऐसे में विधेयक के प्रावधानों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच व्यापक बहस देखने को मिल सकती है।

तीन सप्ताह तक चलेगा मानसून सत्र

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो सकता है। इसके तीन सप्ताह तक चलने की संभावना है। संसदीय कार्य संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति (CCPA) ने अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है। आमतौर पर मानसून और शीतकालीन सत्रों में 20 बैठकें होती हैं और ये (सत्र) 4 सप्ताह तक चलते हैं, लेकिन अतीत में इससे कम अवधि के सत्र आयोजित किए जाने के भी उदाहरण रहे हैं। 

बंगाल की जीत बीजेपी के लिए काफी अहम

यह मानसून सत्र पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगियों की जीत के बाद होने जा रहा है। इसमें पश्चिम बंगाल की जीत भाजपा के लिए सबसे अहम है, क्योंकि वह पहली बार राज्य की सत्ता में आई है।

ये भी पढ़ें: 

TVK MLA को 35 करोड़ का मिला था ऑफर, तमिलनाडु में विजय की सरकार गिराने की साजिश?

कर्नाटक में कांग्रेस विधायक पर चप्पल फेंकने से मचा बवाल, पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने की निष्पक्ष जांच की मांग

Latest India News