कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार को कांग्रेस विधायक के ऊपर चप्पल फेंके जाने की घटना जांच की मांग की। यह मांग 27 जून (शनिवार) को केम्पेगौड़ा जयंती समारोह के दौरान चिक्काबल्लापुर के कांग्रेस विधायक प्रदीप ईश्वर पर कथित तौर पर चप्पल फेंके जाने की घटना के बाद की गई। प्रदीप ईश्वर के साथ बैठक के बाद कांग्रेस के सीनियर नेता ने इस घटना को अस्वीकार्य बताया और बीजेपी और जेडी(एस) पर विधायक पर चप्पल फेंकने का आरोप लगाया।
बीजेपी और जेडी(एस) कार्यकर्ताओं ने फेंकी चप्पल!
सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'चिक्काबल्लापुर के विधायक प्रदीप ईश्वर आज मुझसे मिलने आए और उस दिन हुई सभी घटनाओं के बारे में बताते हुए अपना दुख साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे केम्पेगौड़ा जयंती समारोह के दौरान बीजेपी और जेडी(एस) कार्यकर्ताओं ने उन पर चप्पलें फेंकीं और उनके परिवार के सदस्यों का अपमान किया। राजनीति में ऐसी घटनाएं आम हैं और इनका सामना करना ही पड़ता है। मैंने उनका हौसला बढ़ाया और भरोसा दिलाया कि हम उनके साथ हैं।'
गृह मंत्री से उचित जांच के निर्देश
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'मैंने गृह मंत्री प्रियांक खरगे को भी फोन किया और घटना की उचित जांच करने का निर्देश दिया। मैंने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में सत्ताधारी पार्टी के विधायक के साथ ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। मैंने उनसे कहा कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मौके पर शहरी विकास मंत्री डॉक्टर यतींद्र सिद्धारमैया और पूर्व मंत्री मधु बंगारप्पा भी मौजूद थे।'
इससे पहले 27 जून को कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने प्रदीप ईश्वर पर चप्पल फेंके जाने की घटना की निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि राज्य में असहमति को दबाने के लिए हिंसा का इस्तेमाल करने की कोई जगह नहीं है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भी इस घटना की निंदा की
हरिप्रसाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'मैं विपक्षी पार्टी के सदस्यों द्वारा सार्वजनिक रूप से चिक्काबल्लापुर के विधायक प्रदीप ईश्वर पर चप्पल फेंकने की निंदनीय हरकत की कड़ी निंदा करता हूं। राजनीति में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है। लेकिन जो लोग बहस का सामना नहीं कर सकते, जो लोकतंत्र की भाषा में जवाब नहीं दे सकते, वे ही ऐसी घिनौनी और बर्बर हरकतें करते हैं।'
प्रदीप ईश्वर को नहीं हारनी चाहिए हिम्मत
इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'कर्नाटक में ऐसी राजनीतिक संस्कृति के लिए कोई जगह नहीं है जो हिंसा, डराने-धमकाने और अपमान के जरिए असहमति को दबाने की कोशिश करती है। लोगों के फैसले का सम्मान करने वाले लोकतंत्र में ऐसे घिनौने कामों का कोई औचित्य नहीं है। प्रदीप ईश्वर को हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी मजबूती से आपके साथ खड़ी है। कोई भी ऐसी हरकतों से सच, लोकतंत्र और लोगों की आवाज़ को दबा नहीं सकता।'
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